मुख्य सामग्री पर जाएँ
Yoga Panchang
लॉग इन करें

भाई दूज

त्यौहार

अन्य नाम: Yama (Bhaiya) 2

त्वरित जानकारी

2046 में तारीख
मंगलवार, 30 अक्टूबर 2046
तिथि
कार्तिक शुक्ल द्वितीया (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
01:17 pm, 30 अक्टू॰ से 10:10 am, 31 अक्टू॰ तक
चंद्र मास
कार्तिक · शुक्ल पक्ष
इसी तिथि पर
विश्वकर्मा पूजा
कैलेंडर वर्ष चुनें
Bhaiya Dooj
2046 पर्व तिथि और मुहूर्त

भाई दूज

मंगलवार, 30 अक्टूबर 2046

चंद्र मास: कार्तिक

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:01:17 pm, 30 अक्टू॰
तिथि समाप्ति:10:10 am, 31 अक्टू॰

भाई दूज: मुख्य तथ्य

भाई दूज का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया (दूसरी तिथि) को पड़ता है।

तिथि नियम
कार्तिक शुक्ल द्वितीया (पूर्णिमांत)शुक्ल द्वितीयाकार्तिक मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Brahma · Bhadra Tithi
इसी तिथि के अन्य पर्व
विश्वकर्मा पूजा

इस दिन का पंचांग

भाई दूज · 30 अक्टू॰ 2046

वारमंगलवार
तिथिशुक्ल प्रतिपदा04:47 pm → 01:17 pm
नक्षत्रस्वाती08:50 am → 06:00 am
योगआयुष्मान
करणबव
चंद्र मासकार्तिक
ब्रह्म मुहूर्त04:48 am → 05:40 am
अभिजित मुहूर्त11:42 am → 12:26 pm
निशिता मुहूर्त11:39 pm → 12:30 am
राहु काल02:51 pm → 04:14 pm

भाई दूज के बारे में

भैया दूज दीपावली पर्व का अंतिम, पाँचवाँ दिन है, जो भाई-बहन के पवित्र बंधन को समर्पित है।

यह भगवान यम (मृत्यु के देवता) तथा उनकी बहन यमुना की पौराणिक भेंट में निहित है।

व्रत विधि और उपवास नियम

बहनें अपने भाई के माथे पर सुरक्षा-तिलक लगाती हैं तथा साथ में भोज करती हैं।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं तथा उसकी आरती करती हैं।
  • अकाल मृत्यु से सुरक्षा के लिए भाई का अपनी बहन के घर जाकर उसके हाथों से बना भोजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

भाई दूज: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: भाई दूज किस तिथि को मनाया जाता है?

कार्तिक शुक्ल द्वितीया; स्वामी Brahma, Bhadra Tithi।

प्रश्न: 2046 में भाई दूज की तिथि कब से कब तक है?

शुक्ल द्वितीया: 01:17 pm, मंगल, 30 अक्टू॰ 2046 से 10:10 am, बुध, 31 अक्टू॰ 2046 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: भाई दूज की तिथि पर और कौन से पर्व पड़ते हैं?

विश्वकर्मा पूजा (कार्तिक शुक्ल द्वितीया)।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।