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Govardhan Puja

त्यौहार

अन्य नाम: Gauvardhanal Annakoota, Annakut

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Govardhan Puja
2026 पर्व तिथि और मुहूर्त

Govardhan Puja

Govardhan Puja: मुख्य तथ्य

Govardhan Puja का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा (पहली तिथि) को पड़ता है।

तिथि नियम
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा (पूर्णिमांत)शुक्ल प्रतिपदाकार्तिक मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Agni · Nanda Tithi

Govardhan Puja के बारे में

गोवर्धन पूजा दीपावली के ठीक अगले दिन मनाई जाती है।

यह उस दिन का स्मरण कराती है जब भगवान कृष्ण ने वृंदावन के ग्रामवासियों को प्रलयकारी तूफान से बचाने के लिए विशाल गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाकर भगवान इंद्र के अहंकार को पराजित किया था।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त गोबर से गोवर्धन पर्वत का प्रतिरूप बनाते हैं और भोजन का पर्वत (अन्नकूट) अर्पित करते हैं।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • ताजे गोबर का उपयोग करके आंगन में गोवर्धन पर्वत का प्रतीकात्मक प्रतिरूप बनाएं।
  • 'अन्नकूट' (भोजन का साक्षात पर्वत) तैयार करें, जिसमें भगवान कृष्ण को अर्पित करने के लिए 56 या 108 भिन्न-भिन्न शाकाहारी व्यंजन शामिल हों।

Govardhan Puja: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: Govardhan Puja किस तिथि को मनाया जाता है?

कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा; स्वामी Agni, Nanda Tithi।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।