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गुरु पूर्णिमा

त्यौहार

त्वरित जानकारी

2044 में तारीख
शनिवार, 9 जुलाई 2044
तिथि
आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
09:30 am, 09 जुल॰ से 11:52 am, 10 जुल॰ तक
चंद्र मास
आषाढ़ · शुक्ल पक्ष
कैलेंडर वर्ष चुनें
Guru Purnima
2044 पर्व तिथि और मुहूर्त

गुरु पूर्णिमा

शनिवार, 9 जुलाई 2044

चंद्र मास: आषाढ़

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:09:30 am, 09 जुल॰
तिथि समाप्ति:11:52 am, 10 जुल॰

गुरु पूर्णिमा: मुख्य तथ्य

गुरु पूर्णिमा का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा (पंद्रहवीं तिथि) को पड़ता है।

तिथि नियम
आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा (पूर्णिमांत)शुक्ल पूर्णिमाआषाढ़ मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Chandra · Purna Tithi

आने वाले वर्षों में आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा

वर्षतिथि प्रारंभतिथि समाप्ति
204501:17 am, शुक्र, 28 जुल॰03:41 am, शनि, 29 जुल॰
204605:58 am, मंगल, 17 जुल॰06:25 am, बुध, 18 जुल॰

इस दिन का पंचांग

गुरु पूर्णिमा · 9 जुल॰ 2044

वारशनिवार
तिथिपूर्णिमा पूर्णिमा09:30 am → 11:52 am
नक्षत्रमूल10:59 am → 01:57 pm
योगइन्द्र
करणविष्टि (भद्रा)
चंद्र मासआषाढ
ब्रह्म मुहूर्त04:09 am → 04:50 am
अभिजित मुहूर्त11:58 am → 12:54 pm
निशिता मुहूर्त12:06 am → 12:46 am
राहु काल08:58 am → 10:42 am

गुरु पूर्णिमा के बारे में

गुरु पूर्णिमा अपने शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक गुरुओं का सम्मान करने के लिए समर्पित एक गहन आध्यात्मिक दिवस है।

यह चारों वेदों का संकलन करने वाले महान ऋषि वेद व्यास के जन्मोत्सव का प्रतीक है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त व्यास पूजा करते हैं और अपने आध्यात्मिक गुरुओं के चरण धोते हैं।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • परम विनम्रता और समर्पण के प्रतीक के रूप में 'पाद पूजा' (गुरु के चरणों का विधिवत प्रक्षालन) करें।

गुरु पूर्णिमा: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: गुरु पूर्णिमा किस तिथि को मनाया जाता है?

आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा; स्वामी Chandra, Purna Tithi।

प्रश्न: 2044 में गुरु पूर्णिमा की तिथि कब से कब तक है?

शुक्ल पूर्णिमा: 09:30 am, शनि, 9 जुल॰ 2044 से 11:52 am, रवि, 10 जुल॰ 2044 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: 2045 में गुरु पूर्णिमा की तिथि कब है?

आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा: 01:17 am, शुक्र, 28 जुल॰ 2045 से 03:41 am, शनि, 29 जुल॰ 2045 तक (भारतीय मानक समय)।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।