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Akshaya Tritiya Chandana Yatra Starts

ISKCON

अन्य नाम: Akshaya Tritiya

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Akshaya Tritiya Chandana Yatra Starts

Akshaya Tritiya Chandana Yatra Starts के बारे में

अक्षय तृतीया वैष्णव पंचांग के सबसे शुभ दिनों में से एक है, जो पुरी में चंदन यात्रा के आरंभ का प्रतीक है।

चंदन यात्रा में ग्रीष्म ऋतु की गर्मी से राहत के लिए विग्रहों पर चंदन के लेप का अनुष्ठानिक प्रयोग किया जाता है।

इस्कॉन में यह दिन चंदन यात्रा के प्रारंभ, विशेष पूजा और प्रसाद वितरण के साथ मनाया जाता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

इस दिन चंदन यात्रा का प्रारंभ, विशेष पूजा, तथा ऐसे कार्य किए जाते हैं जिनसे शाश्वत आध्यात्मिक पुण्य प्राप्त होने की मान्यता है।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • विशेष पूजा और अभिषेक के साथ चंदन यात्रा के प्रारंभ का पालन करें।
  • नई आध्यात्मिक साधनाएँ आरंभ करें अथवा महत्वपूर्ण आध्यात्मिक संकल्प लें।
  • दान-पुण्य के कार्यों में संलग्न हों, क्योंकि माना जाता है कि इस दिन अर्जित पुण्य शाश्वत होता है।
  • समुदाय में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: चंदन यात्रा क्या है?

पुरी में मनाया जाने वाला 21 दिवसीय चंदन उत्सव, जिसमें विग्रहों पर चंदन का लेप लगाया जाता है।

प्रश्न: 'अक्षय' का क्या अर्थ है?

'अक्षय' का अर्थ है 'अविनाशी' या 'शाश्वत'। इस दिन अर्जित कोई भी पुण्य कभी क्षीण नहीं होता।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।