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Deepawali

Kannada

अन्य नाम: Diwali, Deepavali

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Deepawali
2026 Kannada तिथि

Deepawali

Deepawali के बारे में

दीपावली, रोशनी का त्योहार, सबसे महत्वपूर्ण हिंदू त्योहारों में से एक है, जो कार्तिक मास (अक्टूबर-नवंबर) में मनाया जाता है। यह अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।

कर्नाटक में दीपावली बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। परिवार तेल के दीपक जलाते हैं, पटाखे फोड़ते हैं, और समृद्धि के लिए लक्ष्मी पूजा करते हैं।

यह त्योहार रावण को पराजित करने के बाद भगवान राम के अयोध्या लौटने की भी याद दिलाता है। कर्नाटक में यह भगवान कृष्ण द्वारा राक्षस नरकासुर के वध की कथा से भी जुड़ा है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त दीपावली के दिन पारंपरिक अनुष्ठान करते हैं और हल्का उपवास रखते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले उठें और तेल स्नान करें।
  • पूरे घर में तेल के दीपक जलाएँ।
  • समृद्धि के लिए लक्ष्मी पूजा करें।
  • परिवार और मित्रों के साथ उत्सव भोजन साझा करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: शाम की पूजा के बाद उत्सव भोजन के साथ व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
तेल के दीपक (दीये)लक्ष्मी की मूर्ति या चित्रफूल और मालाकपूर और अगरबत्तीमिठाई और फल
पूजा प्रक्रिया:
  1. घर की सफाई करें और फूलों व रंगोली से सजाएँ।
  2. पूरे घर में तेल के दीपक जलाएँ।
  3. पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ लक्ष्मी पूजा करें।
  4. परिवार और पड़ोसियों में मिठाई वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: दीपावली क्यों मनाई जाती है?

यह अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। कर्नाटक में यह भगवान कृष्ण की राक्षस नरकासुर पर विजय की भी स्मृति दिलाता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।