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Parashurama Jayanti

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Parashurama Jayanti
2026 Kannada तिथि

Parashurama Jayanti

Parashurama Jayanti के बारे में

परशुराम जयंती भगवान परशुराम के जन्म का उत्सव है, जो हिंदू देवमंडल के एक महत्वपूर्ण देवता हैं। इस दिन विशेष पूजा-अर्चना, भक्ति गीत-संगीत और सामुदायिक उत्सवों का आयोजन किया जाता है।

भक्तजन भगवान परशुराम को समर्पित मंदिरों में जाते हैं, प्रार्थना अर्पित करते हैं और इस शुभ दिन आयोजित होने वाले विशेष समारोहों में भाग लेते हैं।

यह पर्व भगवान परशुराम के दिव्य गुणों का उत्सव है और भक्तों को धर्म तथा भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्तजन हल्का व्रत रखते हैं और भगवान परशुराम की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले उठें और स्नान करें।
  • विशेष पूजा के लिए मंदिर जाएँ।
  • फूल, मिठाई और प्रार्थनाएँ अर्पित करें।
  • परिवार और समुदाय में प्रसाद वितरित करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: मंदिर की पूजा के बाद उत्सव भोज के साथ व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
भगवान परशुराम की मूर्ति या चित्रफूल और मालामिठाइयाँ और फलधूप और कपूरपवित्र जल
पूजा प्रक्रिया:
  1. फूलों और सजावट से वेदी सजाएँ।
  2. भगवान परशुराम को प्रार्थना और मिठाइयाँ अर्पित करें।
  3. मंत्रों का जाप करें और आरती करें।
  4. भक्तों में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: परशुराम जयंती क्यों मनाई जाती है?

यह भगवान परशुराम के जन्म की वर्षगांठ है, जो उनके दिव्य अवतार और शिक्षाओं का उत्सव मनाती है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।