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Shani Jayanti

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Shani Jayanti
2026 Kannada तिथि

Shani Jayanti

Shani Jayanti के बारे में

शनि जयंती भगवान सूर्य के पुत्र शनि देव के जन्म का उत्सव है। यह ज्येष्ठ मास (मई-जून) में पड़ती है।

श्रद्धालु शनि मंदिरों में जाते हैं, प्रार्थना अर्पित करते हैं और ग्रह बाधाओं से सुरक्षा एवं आशीर्वाद पाने के लिए विशेष समारोहों में भाग लेते हैं।

कर्नाटक में यह पर्व पारंपरिक भोज, भक्ति गायन और सामुदायिक समारोहों के साथ मनाया जाता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

श्रद्धालु हल्का उपवास रखते हैं और विशेष शनि पूजा करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें।
  • विशेष पूजा के लिए शनि मंदिरों में जाएँ।
  • प्रार्थना अर्पित करें और समारोहों में भाग लें।
  • दिन ध्यान और आध्यात्मिक साधनाओं में व्यतीत करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: संध्या पूजा के बाद उत्सव भोज के साथ व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
भगवान शनि की मूर्ति या चित्रकाले फूल और मालाफल और मिठाइयाँधूप और कपूरसरसों का तेल
पूजा प्रक्रिया:
  1. काले फूलों और सजावट से शनि वेदी सजाएँ।
  2. पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ भगवान शनि को प्रार्थना अर्पित करें।
  3. सरसों के तेल के दीपक जलाएँ और आरती करें।
  4. श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: शनि जयंती का क्या महत्व है?

यह भगवान शनि के जन्म का उत्सव है, जिसमें ग्रह बाधाओं से सुरक्षा के लिए उनका आशीर्वाद माँगा जाता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।