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Vishwakarma Puja

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Vishwakarma Puja
2026 Kannada तिथि

Vishwakarma Puja

Vishwakarma Puja के बारे में

विश्वकर्मा पूजा प्रतिवर्ष 17 सितंबर को मनाई जाती है, जो देवताओं के दिव्य वास्तुकार और अभियंता भगवान विश्वकर्मा को समर्पित है।

शिल्पकार, अभियंता, कारखाना श्रमिक और औजारों तथा मशीनों पर निर्भर सभी पेशेवर इस दिन विशेष प्रार्थना और अनुष्ठान करते हैं।

कर्नाटक में कारखानों और कार्यशालाओं को सजाया जाता है, और कार्य में सफलता तथा सुरक्षा के लिए विशेष पूजा की जाती है।

व्रत विधि और उपवास नियम

शिल्पकार और अभियंता पारंपरिक अनुष्ठान करते हैं और भगवान विश्वकर्मा की विशेष पूजा करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें।
  • औजारों और कार्यस्थलों की सफाई और सजावट करें।
  • भगवान विश्वकर्मा की विशेष पूजा करें।
  • पूजा के बाद औजारों का प्रयोग न करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: यह त्योहार शिल्पकौशल और दक्षता का उत्सव है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति या चित्रऔजार और उपकरणफूल और मालाअगरबत्ती और कपूरपारंपरिक मिठाइयाँ
पूजा प्रक्रिया:
  1. औजारों और कार्यस्थलों की सफाई और सजावट करें।
  2. प्रत्येक उपकरण पर हल्दी और कुमकुम लगाएँ।
  3. भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना करें।
  4. आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: विश्वकर्मा पूजा कौन मनाता है?

शिल्पकार, अभियंता, कारखाना श्रमिक और औजारों तथा मशीनों पर आजीविका के लिए निर्भर सभी पेशेवर विश्वकर्मा पूजा मनाते हैं।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।