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Parashurama Jayanthi

Malayalam

अन्य नाम: Parashurama Jayanti

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Parashurama Jayanthi
2026 Malayalam तिथि

Parashurama Jayanthi

Parashurama Jayanthi के बारे में

परशुराम जयंती वैशाख माह (अप्रैल-मई) के शुक्ल पक्ष की तृतीया को भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम के जन्म का उत्सव है।

माना जाता है कि भगवान परशुराम ने अपना फरसा समुद्र में फेंककर केरल की भूमि का निर्माण किया और सागर से इस भूमि को पुनः प्राप्त किया।

केरल में इस पर्व को अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है, क्योंकि भगवान परशुराम को केरल का निर्माता माना जाता है।

राम और विष्णु मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है, और भक्त उनके जीवन तथा पराक्रम की कथाओं का पाठ करते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त हल्का उपवास रखते हैं और विशेष विष्णु पूजा करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले स्नान करें।
  • हल्का उपवास रखें या केवल सात्विक भोजन करें।
  • फूलों और अन्य सामग्री से विष्णु पूजा करें।
  • भगवान परशुराम के जीवन की कथाओं का पाठ करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: विष्णु पूजा के पश्चात प्रसाद ग्रहण कर उपवास खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्रफूल और मालाशस्त्र (प्रतीकात्मक)फल और मिष्ठान्न
पूजा प्रक्रिया:
  1. फूलों और मालाओं से विष्णु वेदी सजाएं।
  2. केरल के निर्माता के रूप में भगवान परशुराम की आराधना करें।
  3. उनके जीवन और पराक्रम की कथाओं का पाठ करें।
  4. भक्तों में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: केरल में भगवान परशुराम का महत्व क्यों है?

माना जाता है कि भगवान परशुराम ने अपना फरसा समुद्र में फेंककर केरल की भूमि का निर्माण किया और सागर से इस भूमि को पुनः प्राप्त किया।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।