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Thai Pooyam

Malayalam

अन्य नाम: Thaipusam

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Thai Pooyam
2026 Malayalam तिथि

Thai Pooyam

Thai Pooyam के बारे में

थाई पूयम् मकरम माह (जनवरी-फरवरी) की पूर्णिमा को मनाया जाता है और यह भगवान मुरुगन (सुब्रह्मण्य) को समर्पित है।

यह पर्व उस अवसर की स्मृति में मनाया जाता है जब देवी पार्वती ने भगवान मुरुगन को असुर सूरपद्मन का वध करने हेतु एक दिव्य भाला (वेल) प्रदान किया था।

केरल में मुरुगन मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है, और भक्त बुराई के विनाश तथा बाधाओं के निवारण हेतु प्रार्थना करते हैं।

यह पर्व सबरीमला और अन्य अय्यप्पा मंदिरों में अत्यंत भक्तिभाव से मनाया जाता है, जो मकरविलक्कु के समय के साथ मेल खाता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त हल्का उपवास रखते हैं और विशेष मुरुगन पूजा करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले स्नान करें।
  • हल्का उपवास रखें या केवल सात्विक भोजन करें।
  • विशेष पूजा के लिए मुरुगन मंदिरों में जाएं।
  • बुराई के विनाश हेतु प्रार्थना करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: मुरुगन पूजा के पश्चात प्रसाद ग्रहण कर उपवास खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
भगवान मुरुगन की मूर्ति या चित्रफूल और मालावेल (दिव्य भाला) का प्रतीकफल और मिष्ठान्न
पूजा प्रक्रिया:
  1. फूलों और मालाओं से मुरुगन वेदी सजाएं।
  2. प्रार्थना करें और भगवान मुरुगन की कथाएं सुनें।
  3. भक्तिभाव से आरती करें।
  4. भक्तों में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: भगवान मुरुगन कौन हैं?

भगवान मुरुगन (सुब्रह्मण्य) युद्ध और विजय के हिंदू देवता हैं, जो भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र हैं।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।