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Varaha Jayanthi

Malayalam

अन्य नाम: Varaha Jayanti

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Varaha Jayanthi
2026 Malayalam तिथि

Varaha Jayanthi

Varaha Jayanthi के बारे में

वराह जयंती भगवान विष्णु के वराह (शूकर) अवतार का उत्सव है, जो दशावतार में तीसरा अवतार है।

वराह अवतार पृथ्वी (भूदेवी) को असुर हिरण्याक्ष से बचाने हेतु प्रकट हुआ था, जिसने पृथ्वी को ब्रह्मांडीय सागर की तलहटी में खींच लिया था।

केरल में विष्णु मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है, और भक्त पृथ्वी तथा उसके निवासियों की सुरक्षा हेतु प्रार्थना करते हैं।

यह पर्व ब्रह्मांडीय व्यवस्था को पुनः स्थापित करने और असहायों की रक्षा हेतु दिव्य हस्तक्षेप का प्रतीक है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त हल्का उपवास रखते हैं और विशेष विष्णु पूजा करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले स्नान करें।
  • हल्का उपवास रखें या केवल सात्विक भोजन करें।
  • फूलों और सामग्री से विष्णु पूजा करें।
  • विष्णु मंत्रों का जाप करें और वराह अवतार की कथाएं सुनें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: विष्णु पूजा के पश्चात प्रसाद ग्रहण कर उपवास खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्रफूल और मालातुलसी पत्रफल और मिष्ठान्न
पूजा प्रक्रिया:
  1. फूलों और मालाओं से विष्णु वेदी सजाएं।
  2. प्रार्थना करें और वराह अवतार की कथाएं सुनें।
  3. भक्तिभाव से आरती करें।
  4. भक्तों में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: वराह अवतार क्या है?

वराह अवतार भगवान विष्णु का शूकर रूप में अवतार है, जिन्होंने पृथ्वी को असुर हिरण्याक्ष से बचाया था।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।