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Gita Jayanti

Marathi

अन्य नाम: Bhagavad Gita Jayanti

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Gita Jayanti
2026 Marathi तिथि

Gita Jayanti

Gita Jayanti के बारे में

गीता जयंती उस दिन का उत्सव है जब भगवान कृष्ण ने अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दिया था। यह मार्गशीर्ष मास (नवंबर-दिसंबर) के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है।

भक्त उपवास रखते हैं और भगवद्गीता का पाठ करते हैं। यह दिन इस पवित्र ग्रंथ के प्रकटीकरण की स्मृति में मनाया जाता है।

महाराष्ट्र में मंदिरों में विशेष प्रवचन आयोजित होते हैं और भक्त सामूहिक पाठ के लिए एकत्रित होते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त गीता जयंती के दिन उपवास रखते हैं और भगवद्गीता का पाठ करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करें।
  • पूरे दिन उपवास रखें।
  • भगवद्गीता का पाठ करें या श्रवण करें।
  • आध्यात्मिक प्रवचनों और चर्चाओं में भाग लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: गीता जयंती का महत्व क्या है?

गीता जयंती भगवद्गीता के उपदेश का उत्सव है, जिसमें भगवान कृष्ण की धर्म, कर्म और आध्यात्मिक मुक्ति संबंधी शिक्षाएं समाहित हैं।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।