Vrishchika Sankranti
Marathiअन्य नाम: Vrishchika Sankramana, Scorpio Sankranti

Vrishchika Sankranti
Vrishchika Sankranti के बारे में
वृश्चिक संक्रांति सूर्य के वृश्चिक राशि में संक्रमण का प्रतीक है। यह 16 या 17 नवंबर को पड़ती है।
भक्त व्रत रखते हैं और सूर्य देव की आराधना करते हैं। यह पर्व एक महत्वपूर्ण सौर संक्रमण का प्रतीक है।
महाराष्ट्र में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और भक्त सामूहिक उत्सव के लिए एकत्रित होते हैं।
व्रत विधि और उपवास नियम
भक्त वृश्चिक संक्रांति पर व्रत रखते हैं और सूर्य देव की आराधना करते हैं।
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
- व्रत रखें या सात्विक भोजन करें।
- सूर्य देव को प्रार्थना और अर्घ्य अर्पित करें।
- मंदिर जाएं और विशेष पूजा-अर्चना में भाग लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
वृश्चिक संक्रांति सूर्य के वृश्चिक राशि में प्रवेश का प्रतीक है। यह आध्यात्मिक साधना और नई शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।
टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।
आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।
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