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Chhath Parba

Nepali

अन्य नाम: Chhath Puja, Surya Shashthi

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Chhath Parba
2026 Nepali तिथि

Chhath Parba

Chhath Parba के बारे में

छठ पर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित एक प्राचीन हिंदू पर्व है, जो कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि (अक्टूबर-नवंबर) को मनाया जाता है। यह नेपाल के तराई क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है।

इस पर्व में चार दिनों तक अत्यंत कठोर अनुष्ठान किया जाता है, जिसमें उपवास, पवित्र स्नान और अस्ताचलगामी व उदीयमान सूर्य को अर्घ्य (जल) अर्पित करते हुए लंबे समय तक जलाशयों में खड़े रहना शामिल है।

श्रद्धालु ठेकुआ (गेहूं के आटे और गुड़ से बनी एक विशेष मिठाई), मौसमी फलों और नारियल सहित विशेष प्रसाद तैयार करते हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय नदियों व तालाबों में खड़े होकर ये प्रसाद अर्पित किए जाते हैं।

छठ पर्व अत्यंत श्रद्धा और सामूहिक भागीदारी के साथ मनाया जाता है, जिसमें परिवार मिलकर प्रसाद तैयार करते हैं और संध्या अर्घ्य के अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

चार दिनों तक अत्यंत कठोर व्रत रखा जाता है, जिसमें मुख्य व्रती लंबे समय तक जल ग्रहण नहीं करता।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • पहले दिन नहाय-खाय (स्नान करके पका हुआ भोजन ग्रहण करना) से आरंभ करें।
  • दूसरे दिन खरना (उपवास) रखें और सूर्यास्त के बाद ही भोजन करें।
  • तीसरे दिन निर्जला व्रत रखें और अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें।
  • अंतिम दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करके व्रत खोलें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: चौथे दिन प्रातःकाल उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के बाद व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
ठेकुआ (मिष्ठान्न प्रसाद)मौसमी फल और नारियलजल के लिए मिट्टी के कलशगन्ना और हल्दीनए वस्त्र और जनेऊ
पूजा प्रक्रिया:
  1. घर की सफाई करें और प्रसाद (ठेकुआ और फल) तैयार करें।
  2. संध्या अर्घ्य के लिए शाम को नदी या तालाब पर जाएं।
  3. अस्ताचलगामी सूर्य को जल और प्रार्थना अर्पित करें।
  4. अंतिम प्रातःकाल उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करके व्रत खोलें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: छठ क्यों मनाया जाता है?

छठ सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है, जिसमें जीवन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है और समृद्धि व कल्याण के लिए आशीर्वाद मांगा जाता है।

प्रश्न: छठ को विशिष्ट क्या बनाता है?

यह उन गिने-चुने पर्वों में से एक है जिनमें बिना किसी मूर्ति या मंदिर के, जल में खड़े होकर सीधे सूर्य देव को प्रसाद अर्पित किया जाता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।