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Radhastami

Nepali

अन्य नाम: Radha Jayanti

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Radhastami
2026 Nepali तिथि

Radhastami

Radhastami के बारे में

राधाष्टमी भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान कृष्ण की प्रिय सहचरी देवी राधा के जन्म का उत्सव है।

देवी राधा को भक्ति की परम देवी और दिव्य प्रेम का साक्षात रूप माना जाता है।

श्रद्धालु पूरे दिन व्रत रखते हैं, राधा-कृष्ण मंत्रों का जाप करते हैं और विशेष पूजा करते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

श्रद्धालु हल्का व्रत रखते हैं और राधा-कृष्ण की पूजा करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले धार्मिक स्नान करें।
  • हल्का व्रत रखें या केवल फल और दूध ग्रहण करें।
  • फूलों और भेंट सामग्री के साथ राधा-कृष्ण पूजा करें।
  • पूरे दिन राधा-कृष्ण मंत्रों का जाप करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: संध्याकालीन राधा-कृष्ण पूजा और प्रसाद के बाद व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
राधा-कृष्ण की प्रतिमा या चित्रफूल और मालामक्खन और दूध का भोगमोरपंख
पूजा प्रक्रिया:
  1. फूलों और मालाओं से राधा-कृष्ण की वेदी सजाएँ।
  2. मक्खन, दूध और अन्य प्रिय भोग अर्पित करें।
  3. भक्तिपूर्वक राधा-कृष्ण मंत्रों का जाप करें।
  4. आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: देवी राधा कौन हैं?

देवी राधा भगवान कृष्ण की प्रिय सहचरी हैं और दिव्य प्रेम एवं भक्ति की साक्षात प्रतिमूर्ति हैं।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।