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Kurma Dwadashi

Telugu

अन्य नाम: Kurma Jayanti

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Kurma Dwadashi
2026 Telugu तिथि

Kurma Dwadashi

Kurma Dwadashi के बारे में

कूर्म द्वादशी वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को पड़ती है। यह भगवान विष्णु के दूसरे अवतार — कूर्म (कच्छप) — का उत्सव है।

भक्त व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु को कूर्म रूप में पूजते हैं, जिन्होंने समुद्र मंथन के समय मंदराचल पर्वत को अपनी पीठ पर धारण किया था।

यह व्रत आध्यात्मिक स्थिरता और जीवन की चुनौतियों को धैर्यपूर्वक सहन करने की क्षमता के लिए किया जाता है। मंदिरों में विशेष पूजाएँ और भक्तिमय सभाएँ आयोजित होती हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु के कूर्म अवतार की पूजा करते हैं।

संकल्प मंत्र

ॐ नमो नारायणाय। स्थिरता और धैर्य हेतु भगवान विष्णु के कूर्म अवतार का आशीर्वाद माँगा जाता है।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • प्रातः जल्दी उठें और स्नान करें।
  • पूरे दिन कठोर व्रत रखें।
  • भगवान विष्णु की पूजा अर्पण और मंत्रों के साथ करें।
  • अगले दिन प्रातःकालीन प्रार्थना के बाद व्रत खोलें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: कूर्म अवतार की कथा क्या है?

कूर्म भगवान विष्णु का कच्छप अवतार है, जो समुद्र मंथन के समय प्रकट हुए थे। जब मंदराचल पर्वत डूबने लगा, तो उन्होंने उसे अपनी पीठ पर सहारा दिया।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।