धूम्र योग
अशुभ28 आनंदादि योगों में 3वाँ। इसका फल असुख है।
क्रम
3 / 28
फल
असुख
प्रकृति
अशुभ
यह योग कब बनता है
धूम्र योग तब बनता है जब नीचे दिए गए वार पर उसी पंक्ति का नक्षत्र चल रहा हो।
| वार | नक्षत्र |
|---|---|
| रविवार | कृत्तिका |
| सोमवार | पुनर्वसु |
| मंगलवार | पूर्व फाल्गुनी |
| बुधवार | स्वाति |
| गुरुवार | मूल |
| शुक्रवार | श्रवण |
| शनिवार | उत्तर भाद्रपद |