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Akhuratha Sankashta

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अन्य नाम: Akhuratha Ganesh Chaturthi

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Akhuratha Sankashta
2026 Gujarati तिथि

Akhuratha Sankashta

Akhuratha Sankashta के बारे में

अखुरथ संकष्टी एक मासिक संकष्टी चतुर्थी है, जो भगवान गणेश को समर्पित है। अखुरथ का अर्थ है वह जो अन्न और पोषण की इच्छा पूर्ण करते हैं।

भक्त सूर्योदय से चंद्रोदय तक कठोर उपवास रखते हैं और चंद्र दर्शन के बाद भगवान गणेश को मोदक तथा दूर्वा घास अर्पित करते हैं।

गणेशजी के इस स्वरूप की पूजा प्रचुरता और पोषण के लिए की जाती है। भक्तों का मानना है कि यह व्रत रखने से परिवार को कभी अन्न की कमी नहीं होती।

इस मासिक आराधना में परिवार के स्वास्थ्य, समृद्धि और कल्याण के लिए विशेष प्रार्थनाएं शामिल हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त सूर्योदय से चंद्रोदय तक उपवास रखते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • जल्दी उठें और स्नान करें।
  • कठोर उपवास रखें।
  • गणेश मंदिर जाकर पूजा करें।
  • चंद्र दर्शन के बाद उपवास तोड़ें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: चंद्र दर्शन के बाद उपवास तोड़ा जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
गणेश की मूर्तिमोदकदूर्वा घासलाल फूलकुमकुमअगरबत्ती
पूजा प्रक्रिया:
  1. पूजा स्थान को साफ करें।
  2. गणेश की मूर्ति स्थापित करें।
  3. मोदक, दूर्वा घास और लाल फूल अर्पित करें।
  4. कुमकुम लगाएं और आरती करें।
  5. चंद्र दर्शन के बाद उपवास तोड़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: अखुरथ का क्या अर्थ है?

वह जो अन्न और पोषण संबंधी इच्छाओं को पूर्ण करते हैं।

प्रश्न: इसका क्या लाभ है?

परिवार के लिए अन्न और पोषण की प्रचुरता सुनिश्चित करता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।