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Bestu Varsh

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अन्य नाम: Gujarati New Year, Kartak Sud Padvo, Bestu Varas

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Bestu Varsh
2026 Gujarati तिथि

Bestu Varsh

Bestu Varsh के बारे में

बेस्तु वर्ष गुजराती नववर्ष का प्रतीक है, जो दिवाली के अगले दिन (कार्तक सुद पड़वो) मनाया जाता है। अन्य भारतीय पंचांगों के विपरीत, जो चैत्र मास से आरंभ होते हैं, गुजराती विक्रम संवत वर्ष इसी दिन से शुरू होता है।

परिवार भोर से पहले जागते हैं, दरवाजों की चौखट पर उबटन लगाते हैं, दीये जलाते हैं और आने वाले वर्ष की समृद्धि के लिए लक्ष्मी व गणेश जी के सम्मान में चोपड़ा पूजन करते हैं।

गलियाँ रंगोली, पटाखों और आत्मीय शुभकामनाओं के आदान-प्रदान से जीवंत हो उठती हैं। बड़े-बुजुर्ग युवा पीढ़ी को उपहार और सालगुड़ो नामक धन-भेंट देकर आशीर्वाद देते हैं।

यह नववर्ष कई गुजराती व्यापारिक परिवारों के लिए नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत भी दर्शाता है, जो ईश्वर का आशीर्वाद लेकर नई बहीखातों की शुरुआत करते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

बेस्तु वर्ष पर कोई विशेष व्रत नहीं रखा जाता, क्योंकि यह उत्सव और भोज का दिन है।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • भोर से पहले जागकर उबटन के साथ तेल स्नान करें।
  • घर की सफाई करके रंगोली और दीयों से सजावट करें।
  • नई बहीखातों के साथ चोपड़ा पूजन करें।
  • नए वस्त्र धारण करें और उत्सव का भोजन तैयार करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: लागू नहीं, क्योंकि इस दिन कोई व्रत नहीं रखा जाता।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
नई बहीखाताकुमकुम और हल्दीचावल के दानेफूलमिठाईसिक्केअगरबत्तीदीया
पूजा प्रक्रिया:
  1. पूजा स्थल की सफाई करें और नई बहीखातों को वेदी के सामने रखें।
  2. बहीखातों और वेदी पर कुमकुम व हल्दी लगाएं।
  3. अगरबत्ती और दीये जलाएं, लक्ष्मी और गणेश जी को फूल व मिठाई अर्पित करें।
  4. समृद्धि के लिए मंत्रों का जाप करें और पहली प्रविष्टि लिखें।
  5. बड़ों का आशीर्वाद लें और प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: बेस्तु वर्ष कब मनाया जाता है?

बेस्तु वर्ष कार्तक सुद पड़वो को पड़ता है, जो कार्तक मास (अक्टूबर-नवंबर) के शुक्ल पक्ष का पहला दिन है और दिवाली के अगले दिन आता है।

प्रश्न: क्या बेस्तु वर्ष और दिवाली एक ही हैं?

नहीं, दिवाली कार्तक सुद चौदस को मनाई जाती है, जबकि गुजराती नववर्ष बेस्तु वर्ष अगले दिन कार्तक सुद पड़वो को पड़ता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।