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Parashurama Jayanti

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अन्य नाम: Parashurama Jayanti

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Parashurama Jayanti
2026 Gujarati तिथि

Parashurama Jayanti

Parashurama Jayanti के बारे में

परशुराम जयंती भगवान परशुराम के जन्म का उत्सव है, जो भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं। यह वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ती है।

भगवान परशुराम न्याय के प्रति अपनी उग्र भक्ति और भ्रष्ट क्षत्रिय वर्ग के विनाश में अपनी भूमिका के लिए जाने जाते हैं। भक्त शक्ति और सुरक्षा के लिए उनकी पूजा करते हैं।

यह व्रत कठोर उपवास और भगवान परशुराम को समर्पित विशेष पूजा के साथ मनाया जाता है। भक्त शक्ति और साहस के लिए आशीर्वाद मांगते हैं।

गुजरात में, परशुराम जयंती भक्तिभाव और पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ मनाई जाती है, जिसमें भगवान परशुराम की दैवीय शक्ति और न्याय पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त उपवास रखते हैं और भगवान परशुराम की पूजा करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • कठोर उपवास रखें।
  • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • भक्तिभाव से भगवान परशुराम की पूजा करें।
  • शक्ति और सुरक्षा के लिए प्रार्थना करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: पूजा पूर्ण करने के बाद व्रत खोलें।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
परशुराम प्रतिमाफूलफलकुल्हाड़ी (प्रतीकात्मक)दीयेअगरबत्ती
पूजा प्रक्रिया:
  1. पूजा स्थल की सफाई करें।
  2. परशुराम प्रतिमा स्थापित करें।
  3. फूल और फल अर्पित करें।
  4. दीये और अगरबत्ती जलाएं।
  5. विष्णु मंत्रों का जाप करें।
  6. परिवार के सदस्यों में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: भगवान परशुराम कौन हैं?

भगवान विष्णु के छठे अवतार, जो न्याय के प्रति अपनी उग्र भक्ति और शक्ति के लिए जाने जाते हैं।

प्रश्न: परशुराम जयंती मनाने का क्या लाभ है?

यह शक्ति, साहस और अन्याय से सुरक्षा प्रदान करता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।