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Yoga Panchang
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अर्धोदय योग

त्यौहार

त्वरित जानकारी

2039 में तारीख
रविवार, 23 जनवरी 2039
तिथि
माघ कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
09:06 pm, 23 जन॰ से 07:06 pm, 24 जन॰ तक
चंद्र मास
माघ · कृष्ण पक्ष
कैलेंडर वर्ष चुनें
Ardhodaya Yoga
2039 पर्व तिथि और मुहूर्त

अर्धोदय योग

रविवार, 23 जनवरी 2039

चंद्र मास: माघ

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:09:06 pm, 23 जन॰
तिथि समाप्ति:07:06 pm, 24 जन॰

अर्धोदय योग: मुख्य तथ्य

अर्धोदय योग का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या (पंद्रहवीं तिथि) को पड़ता है, जिसे अमांत पंचांग पौष कृष्ण अमावस्या कहता है।

तिथि नियम
माघ कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत)कृष्ण अमावस्यामाघ मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Pitra · Purna Tithi

आने वाले वर्षों में माघ कृष्ण अमावस्या

वर्षतिथि प्रारंभतिथि समाप्ति
204011:03 pm, शनि, 11 फ़र॰07:54 pm, रवि, 12 फ़र॰
204103:07 pm, गुरु, 31 जन॰11:13 am, शुक्र, 1 फ़र॰
204204:49 am, मंगल, 21 जन॰02:12 am, बुध, 22 जन॰
204304:00 am, सोम, 9 फ़र॰02:38 am, मंगल, 10 फ़र॰
204408:10 am, शुक्र, 29 जन॰09:34 am, शनि, 30 जन॰

इस दिन का पंचांग

अर्धोदय योग · 23 जन॰ 2039

वाररविवार
तिथिकृष्ण चतुर्दशी11:23 pm → 09:06 pm
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा10:00 pm → 08:25 pm
योगहर्षण
करणशकुनि
चंद्र मासपौष
ब्रह्म मुहूर्त05:26 am → 06:19 am
अभिजित मुहूर्त12:11 pm → 12:54 pm
निशिता मुहूर्त12:06 am → 12:59 am
राहु काल04:32 pm → 05:52 pm

अर्धोदय योग के बारे में

अर्धोदय योग हिंदू पंचांग में एक दुर्लभ और अत्यंत प्रभावशाली ज्योतिषीय योग है। 'अर्धोदय' शब्द का अर्थ आंशिक अथवा अर्ध-उदय है, और यह परंपरागत रूप से एक शक्तिशाली सूर्य-चंद्र संयोजन से संबंधित है जो आध्यात्मिक और भौतिक परिणामों को कई गुना बढ़ा देता है।

यह योग तब बनता है जब विशेष वार-नक्षत्र संयोग उच्च पुण्य के लिए एक द्वार खोलते हैं, ऐसी मान्यता है। शास्त्रों में इसके फल की तुलना एक बड़ी सौर घटना से की गई है, जिससे यह तीर्थयात्रा, दान तथा पवित्र ग्रंथों के पाठ के लिए उत्तम समय बन जाता है।

भक्त अर्धोदय योग के इस अवसर का उपयोग कर्म-ऋण चुकाने, गुरुओं और पूर्वजों का सम्मान करने, तथा जन-कल्याण के कार्य करने के लिए करते हैं। यहाँ सजगता और भक्ति के साथ निःस्वार्थ कर्म पर बल दिया जाता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

पवित्र स्नान, दान, मंत्र जप, तथा हानिकारक वाणी से परहेज के माध्यम से इस योग का लाभ उठाया जाता है।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • किसी विश्वसनीय पंचांग से अर्धोदय योग का सटीक समय जानें और उस अवधि में शीघ्र जागें।
  • विधिवत स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें; यदि संभव हो तो किसी पवित्र नदी में अथवा मंत्र से पवित्र किए गए जल से स्नान करें।
  • भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की पूजा करें, तथा सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न, जल, वस्त्र तथा औषधि दान करें; शैक्षिक अथवा धार्मिक कार्यों का समर्थन करें।
  • महामृत्युंजय मंत्र तथा गायत्री मंत्र का जप करें, और मौन रखें अथवा गपशप से परहेज करें।

अर्धोदय योग: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: अर्धोदय योग किस तिथि को मनाया जाता है?

माघ कृष्ण अमावस्या (अमांत पंचांग में पौष कृष्ण अमावस्या); स्वामी Pitra, Purna Tithi।

प्रश्न: 2039 में अर्धोदय योग की तिथि कब से कब तक है?

कृष्ण अमावस्या: 09:06 pm, रवि, 23 जन॰ 2039 से 07:06 pm, सोम, 24 जन॰ 2039 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: 2040 में अर्धोदय योग की तिथि कब है?

माघ कृष्ण अमावस्या: 11:03 pm, शनि, 11 फ़र॰ 2040 से 07:54 pm, रवि, 12 फ़र॰ 2040 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: अर्धोदय योग की तिथि पर और कौन से पर्व पड़ते हैं?

मौनी अमावस्या, मौनी अमावस्या और महोदय योग (माघ कृष्ण अमावस्या)।

प्रश्न: क्या अर्धोदय योग किसी भी दिन बन सकता है?

यह वार और नक्षत्र के विशेष संयोगों से बनता है; एक योग्य ज्योतिषी अथवा पंचांग से परामर्श लेना चाहिए।

प्रश्न: क्या अर्धोदय योग अधिक आध्यात्मिक है या भौतिक?

कहा जाता है कि यह दोनों के लिए लाभदायक है, बशर्ते कर्म धार्मिक और निःस्वार्थ हों।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।