मुख्य सामग्री पर जाएँ
Yoga Panchang
लॉग इन करें

Champa Shashthi

त्यौहार

अन्य नाम: Champa 6

कैलेंडर वर्ष चुनें
Champa Shashthi
2026 पर्व तिथि और मुहूर्त

Champa Shashthi

Champa Shashthi के बारे में

चंपा षष्ठी भगवान शिव और माता पार्वती के पराक्रमी पुत्र भगवान कार्तिकेय (जिन्हें स्कंद, मुरुगन, सुब्रह्मण्य या कुमार भी कहा जाता है) को समर्पित एक पवित्र पर्व है। यह मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है, और इस पर्व का नाम चंपक पुष्प (मिशेलिया चंपाका) से लिया गया है, जो भगवान कार्तिकेय को अत्यंत प्रिय माना जाता है। साहस, विजय और विघ्नों के नाश हेतु भगवान का आशीर्वाद पाने के लिए ये चमकीले सुनहरे-नारंगी पुष्प प्रचुर मात्रा में अर्पित किए जाते हैं।

यह दिन कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में विशेष महत्व रखता है, जहाँ भगवान कार्तिकेय को देवताओं की सेना के सेनापति (देवसेनापति) और असुर तारकासुर के संहारक के रूप में पूजा जाता है। चंपा षष्ठी अधिक प्रसिद्ध स्कंद षष्ठी से भी घनिष्ठ रूप से जुड़ी है, यद्यपि क्षेत्रीय परंपराओं में समय और महत्व में भिन्नता हो सकती है। भक्तों का मानना है कि इस दिन कार्तिकेय की पूजा करने से मंगल दोष दूर होता है, प्रतिस्पर्धात्मक कार्यों में सफलता मिलती है और बच्चों की रक्षा होती है।

इस पर्व में दूध, शहद और सुगंधित जल से विशेष अभिषेक किया जाता है, इसके बाद चंपक पुष्प, चंदन का लेप और मिठाइयाँ अर्पित की जाती हैं। भक्त प्रायः आंशिक उपवास रखते हैं, सुब्रह्मण्य मंदिरों के दर्शन करते हैं और स्कंद षष्ठी कवचम् या सुब्रह्मण्य भुजंगम् का पाठ करते हैं। यह पर्व युवा शौर्य, दिव्य रणनीति और असुरी शक्तियों पर धर्म की विजय के विषयों को रेखांकित करता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

चंपा षष्ठी में चंपक पुष्पों से भगवान कार्तिकेय की पूजा, उपवास और सुरक्षा प्रदान करने वाले स्तोत्रों का पाठ किया जाता है।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले उठें, स्नान करें और भगवान कार्तिकेय को प्रिय लाल या नारंगी रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • सायंकालीन पूजा तक आंशिक या पूर्ण उपवास रखें, केवल फल, दूध और सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • सुब्रह्मण्य या कार्तिकेय मंदिर जाएँ, या घर पर चंपक पुष्पों से सजाकर उनकी प्रतिमा स्थापित करें।
  • दूध, दही, शहद और जल से अभिषेक करें, और चंपक पुष्प, चंदन का लेप तथा कुमकुम अर्पित करें।
  • स्कंद षष्ठी कवचम्, सुब्रह्मण्य भुजंगम् या 'ॐ सरवणभवाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • पायसम या मोदक जैसी मिठाइयाँ अर्पित करें और परिवार तथा भक्तों को प्रसाद वितरित करें।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
भगवान कार्तिकेय की प्रतिमाचंपक पुष्पचंदन का लेपकुमकुमहल्दीदूध, दही और शहदअगरबत्ती और दीपकलाल और नारंगी पुष्पफल और मिठाइयाँपवित्र जल
पूजा प्रक्रिया:
  1. पूजा स्थल को स्वच्छ करें और भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा को ऊँचे स्थान पर रखें।
  2. पंचामृत से अभिषेक करें और चंपक की मालाओं से देवता को सजाएँ।
  3. चंदन का लेप और कुमकुम लगाएँ, अगरबत्ती और घी का दीपक जलाएँ।
  4. स्कंद षष्ठी कवचम् का पाठ करें और मिठाइयों तथा फलों का नैवेद्य अर्पित करें।
  5. आरती के साथ समापन करें और प्रसाद वितरित करें।

व्रत कथा: कार्तिकेय और असुर तारकासुर

असुर तारकासुर को यह वरदान प्राप्त था कि उसका वध केवल भगवान शिव के पुत्र द्वारा ही हो सकता है।

देवता उसे पराजित करने में असमर्थ थे, इसलिए उन्होंने देवी पार्वती से शिव के साथ विवाह कर एक दिव्य योद्धा को जन्म देने का अनुरोध किया।

भगवान कार्तिकेय का जन्म शिव के तीसरे नेत्र की चिंगारियों से हुआ और उनका पालन-पोषण छह कृत्तिकाओं, दिव्य नर्सों द्वारा किया गया।

षष्ठी के दिन, कार्तिकेय ने देवताओं की सेना का नेतृत्व किया और तारकासुर का वध कर स्वर्ग में शांति स्थापित की, तथा देवताओं के सेनापति बने।

Champa Shashthi: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: क्या चंपा षष्ठी और स्कंद षष्ठी एक ही हैं?

दोनों घनिष्ठ रूप से जुड़े हैं और भगवान कार्तिकेय का सम्मान करते हैं, यद्यपि क्षेत्रीय पंचांगों में स्कंद षष्ठी अलग-अलग महीनों में आ सकती है। चंपा षष्ठी विशेष रूप से चंपक पुष्प अर्पण पर बल देती है।

प्रश्न: चंपा षष्ठी मनाने के क्या लाभ हैं?

भक्तों का मानना है कि इससे मंगल दोष दूर होता है, विजय प्राप्त होती है, बच्चों की रक्षा होती है और साहस तथा सफलता की चाहत रखने वालों को आशीर्वाद मिलता है।

प्रश्न: क्या पूजा में चंपक पुष्पों का विकल्प लिया जा सकता है?

यदि चंपक पुष्प उपलब्ध न हों, तो भक्तिभाव से गुड़हल या गेंदा जैसे किसी भी सुगंधित लाल या नारंगी पुष्प को अर्पित किया जा सकता है।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।