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दशहरा

त्यौहार

अन्य नाम: Vijayadashami, VijayaDashami

त्वरित जानकारी

2044 में तारीख
शनिवार, 1 अक्टूबर 2044
तिथि
आश्विन शुक्ल दशमी (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
12:42 am, 01 अक्टू॰ से 02:57 am, 02 अक्टू॰ तक
चंद्र मास
आश्विन · शुक्ल पक्ष
कैलेंडर वर्ष चुनें
Dussehra
2044 पर्व तिथि और मुहूर्त

दशहरा

शनिवार, 1 अक्टूबर 2044

चंद्र मास: आश्विन

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:12:42 am, 01 अक्टू॰
तिथि समाप्ति:02:57 am, 02 अक्टू॰

दशहरा: मुख्य तथ्य

दशहरा का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी (दसवीं तिथि) को पड़ता है।

तिथि नियम
आश्विन शुक्ल दशमी (पूर्णिमांत)शुक्ल दशमीआश्विन मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Yama · Purna Tithi

आने वाले वर्षों में आश्विन शुक्ल दशमी

वर्षतिथि प्रारंभतिथि समाप्ति
204504:08 pm, गुरु, 19 अक्टू॰06:49 pm, शुक्र, 20 अक्टू॰
204603:32 pm, सोम, 8 अक्टू॰05:13 pm, मंगल, 9 अक्टू॰

इस दिन का पंचांग

दशहरा · 1 अक्टू॰ 2044

वारशनिवार
तिथिशुक्ल दशमी12:42 am → 02:57 am
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा02:21 pm → 05:13 pm
योगसुकर्मा
करणतैतिल
चंद्र मासआश्विन
ब्रह्म मुहूर्त04:37 am → 05:25 am
अभिजित मुहूर्त11:46 am → 12:34 pm
निशिता मुहूर्त11:46 pm → 12:35 am
राहु काल09:12 am → 10:41 am

दशहरा के बारे में

दशहरा असत्य पर सत्य की अद्भुत विजय को चिह्नित करता है। यह दो महान विजयों का प्रतीक है: भगवान राम द्वारा रावण का वध, और देवी दुर्गा द्वारा महिषासुर का संहार।

व्रत विधि और उपवास नियम

उत्सव दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन से लेकर रावण के पुतलों के दहन तक विस्तृत होते हैं।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • बंगाल में, विवाहित महिलाएँ दुर्गा प्रतिमा को नदी में विसर्जित करने (विसर्जन) से पहले 'सिंदूर खेला' संपन्न करती हैं।
  • उत्तर भारत में, रामलीला का समापन सूर्यास्त के समय रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों के दहन के साथ होता है।

दशहरा: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: दशहरा किस तिथि को मनाया जाता है?

आश्विन शुक्ल दशमी; स्वामी Yama, Purna Tithi।

प्रश्न: 2044 में दशहरा की तिथि कब से कब तक है?

शुक्ल दशमी: 12:42 am, शनि, 1 अक्टू॰ 2044 से 02:57 am, रवि, 2 अक्टू॰ 2044 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: 2045 में दशहरा की तिथि कब है?

आश्विन शुक्ल दशमी: 04:08 pm, गुरु, 19 अक्टू॰ 2045 से 06:49 pm, शुक्र, 20 अक्टू॰ 2045 तक (भारतीय मानक समय)।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।