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Yoga Panchang
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गजछाया योग

त्यौहार

त्वरित जानकारी

2035 में तारीख
रविवार, 30 सितंबर 2035
तिथि
आश्विन कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
07:38 pm, 30 सित॰ से 06:37 pm, 01 अक्टू॰ तक
चंद्र मास
आश्विन · कृष्ण पक्ष
कैलेंडर वर्ष चुनें
Gajachhaya Yoga
2035 पर्व तिथि और मुहूर्त

गजछाया योग

रविवार, 30 सितंबर 2035

चंद्र मास: आश्विन

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:07:38 pm, 30 सित॰
तिथि समाप्ति:06:37 pm, 01 अक्टू॰

गजछाया योग: मुख्य तथ्य

गजछाया योग का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या (पंद्रहवीं तिथि) को पड़ता है, जिसे अमांत पंचांग भाद्रपद कृष्ण अमावस्या कहता है।

तिथि नियम
आश्विन कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत)कृष्ण अमावस्याआश्विन मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Pitra · Purna Tithi
इसी तिथि के अन्य पर्व
फल्गु योगसर्व पितृ अमावस्या

आने वाले वर्षों में आश्विन कृष्ण अमावस्या

वर्षतिथि प्रारंभतिथि समाप्ति
203610:37 am, शुक्र, 19 सित॰07:21 am, शनि, 20 सित॰
203711:56 am, गुरु, 8 अक्टू॰08:04 am, शुक्र, 9 अक्टू॰
203803:49 am, मंगल, 28 सित॰12:27 am, बुध, 29 सित॰
203903:00 pm, शनि, 17 सित॰01:53 pm, रवि, 18 सित॰
204010:34 am, शुक्र, 5 अक्टू॰10:56 am, शनि, 6 अक्टू॰

इस दिन का पंचांग

गजछाया योग · 30 सित॰ 2035

वाररविवार
तिथिकृष्ण चतुर्दशी09:02 pm → 07:38 pm
नक्षत्रपूर्व फाल्गुनी12:59 pm → 12:12 pm
योगशुक्ल
करणशकुनि
चंद्र मासभाद्रपद
ब्रह्म मुहूर्त04:36 am → 05:25 am
अभिजित मुहूर्त11:47 am → 12:34 pm
निशिता मुहूर्त11:47 pm → 12:35 am
राहु काल04:39 pm → 06:08 pm

गजछाया योग के बारे में

गजछाया योग एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ ज्योतिषीय संयोग है जो पितृ पक्ष के पखवाड़े के दौरान घटित होता है। यह तब बनता है जब सूर्य कन्या राशि में हस्त नक्षत्र से गोचर करता है जबकि चंद्रमा मघा नक्षत्र में स्थित होता है, जिससे पितृ अनुष्ठानों के लिए एक शक्तिशाली संयोजन उत्पन्न होता है।

'गजछाया' शब्द का शाब्दिक अर्थ है 'हाथी की छाया', जो अपार शक्ति, स्थिरता और शुभता का प्रतीक है। जब यह योग पितृ पक्ष की त्रयोदशी या अमावस्या तिथि के साथ मेल खाता है, तो श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का पुण्य कई गुना बढ़ जाने की मान्यता है।

चूँकि यह योग सटीक खगोलीय स्थितियों पर निर्भर करता है, यह प्रत्येक वर्ष घटित नहीं होता। इसलिए परिवार इस दिन को पहचानने और अपने पूर्वजों की शांति तथा मुक्ति के लिए विस्तृत अनुष्ठान करने हेतु उत्सुकतापूर्वक पंचांग से परामर्श करते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

गजछाया योग के दौरान, भक्त दिवंगत आत्माओं के लिए आध्यात्मिक लाभ को अधिकतम करने के लिए विशेष पितृ अनुष्ठान और दान करते हैं।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • किसी विश्वसनीय पंचांग से गजछाया योग का सटीक समय निर्धारित करें, क्योंकि यह पितृ पक्ष के दौरान केवल विशिष्ट तिथियों पर ही घटित होता है।
  • काले तिल, जौ, कुशा घास और यदि उपलब्ध हो तो गंगाजल मिश्रित जल से पूर्वजों का तर्पण करें।
  • योग काल के दौरान पिंडदान करें या श्राद्ध अनुष्ठान संपन्न कराने के लिए किसी योग्य पुरोहित को नियुक्त करें।
  • ब्राह्मणों, गायों, कुत्तों, कौओं और चींटियों को भोजन कराएँ, क्योंकि माना जाता है कि ये अर्पण पूर्वजों तक पहुँचते हैं।
  • दिवंगत आत्मा के नाम पर जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र, कंबल और तिल दान करें।
  • सात्विक आचरण बनाए रखें, क्रोध और निंदा से बचें, और पितृ शांति के लिए मंत्रों का जाप करें।

गजछाया योग: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: गजछाया योग किस तिथि को मनाया जाता है?

आश्विन कृष्ण अमावस्या (अमांत पंचांग में भाद्रपद कृष्ण अमावस्या); स्वामी Pitra, Purna Tithi।

प्रश्न: 2035 में गजछाया योग की तिथि कब से कब तक है?

कृष्ण अमावस्या: 07:38 pm, रवि, 30 सित॰ 2035 से 06:37 pm, सोम, 1 अक्टू॰ 2035 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: 2036 में गजछाया योग की तिथि कब है?

आश्विन कृष्ण अमावस्या: 10:37 am, शुक्र, 19 सित॰ 2036 से 07:21 am, शनि, 20 सित॰ 2036 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: गजछाया योग की तिथि पर और कौन से पर्व पड़ते हैं?

फल्गु योग और सर्व पितृ अमावस्या (आश्विन कृष्ण अमावस्या)।

प्रश्न: क्या गजछाया योग प्रत्येक वर्ष घटित होता है?

नहीं, पितृ पक्ष के दौरान सूर्य के हस्त नक्षत्र में और चंद्रमा के मघा नक्षत्र में होने का सटीक संयोजन दुर्लभ है और कई वर्षों बाद घटित हो सकता है।

प्रश्न: क्या महिलाएँ गजछाया योग के दौरान श्राद्ध कर सकती हैं?

परंपरागत रूप से पुरुष सदस्य अनुष्ठान संपन्न करते हैं, परंतु अनेक परिवार रिवाज के अनुसार इसे साथ मिलकर या पुरोहित के मार्गदर्शन में संपन्न करते हैं।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।