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गुड़ी पड़वा

त्यौहार

अन्य नाम: Ugadi, Nutan Varsh Prarambha

त्वरित जानकारी

2026 में तारीख
गुरुवार, 19 मार्च 2026
तिथि
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
06:54 am, 19 मार्च से 04:53 am, 20 मार्च तक
चंद्र मास
चैत्र · शुक्ल पक्ष
इसी तिथि पर
चैत्र नवरात्रि
कैलेंडर वर्ष चुनें
Gudi Padwa
2026 पर्व तिथि और मुहूर्त

गुड़ी पड़वा

गुरुवार, 19 मार्च 2026

चंद्र मास: चैत्र

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:06:54 am, 19 मार्च
तिथि समाप्ति:04:53 am, 20 मार्च

गुड़ी पड़वा: मुख्य तथ्य

गुड़ी पड़वा का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा (पहली तिथि) को पड़ता है।

तिथि नियम
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (पूर्णिमांत)शुक्ल प्रतिपदाचैत्र मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Agni · Nanda Tithi
इसी तिथि के अन्य पर्व
चैत्र नवरात्रि

आने वाले वर्षों में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा

वर्षतिथि प्रारंभतिथि समाप्ति
202705:21 am, बुध, 7 अप्रैल04:29 am, गुरु, 8 अप्रैल
202810:01 am, रवि, 26 मार्च11:44 am, सोम, 27 मार्च
202909:49 am, गुरु, 15 मार्च12:14 pm, शुक्र, 16 मार्च
203003:33 am, बुध, 3 अप्रैल05:19 am, गुरु, 4 अप्रैल
203109:19 am, रवि, 23 मार्च08:32 am, सोम, 24 मार्च

इस दिन का पंचांग

गुड़ी पड़वा · 19 मार्च 2026

वारगुरुवार
तिथिशुक्ल प्रतिपदा06:54 am → 04:53 am
नक्षत्रपूर्व भाद्रपद06:09 am → 05:21 am
योगशुक्ल
करणकिंस्तुघ्न
चंद्र मासचैत्र
ब्रह्म मुहूर्त04:51 am → 05:38 am
अभिजित मुहूर्त12:04 pm → 12:53 pm
निशिता मुहूर्त12:04 am → 12:52 am
राहु काल01:59 pm → 03:30 pm

गुड़ी पड़वा के बारे में

गुड़ी पड़वा, जिसे कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में उगादी तथा नूतन वर्ष प्रारंभ के नाम से भी जाना जाता है, महाराष्ट्र और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में चैत्र माह के आरंभ और पारंपरिक हिंदू नववर्ष का प्रतीक है। यह चैत्र के शुक्ल पक्ष के पहले दिन पड़ता है, जो वसंत विषुव और नई फसलों के आगमन के साथ मेल खाता है।

यह त्योहार भगवान ब्रह्मा द्वारा सृष्टि की रचना और परंपरा के अनुसार अयोध्या के राजा के रूप में भगवान राम के राज्याभिषेक का स्मरण कराता है। घरों के बाहर एक गुड़ी—बांस की छड़ी पर बंधा चमकीला पीला या लाल कपड़ा जिसके शीर्ष पर उल्टा कांस्य या चांदी का पात्र होता है—विजय, समृद्धि और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक स्वरूप फहराई जाती है।

परिवार दिन की शुरुआत तेल स्नान से करते हैं, नए वस्त्र पहनते हैं, प्रवेश द्वार पर रंगीन रंगोली बनाते हैं और नीम के पत्तों एवं गुड़ का विशेष मिश्रण बांटते हैं। यह कड़वा-मीठा स्वाद जीवन के सुखों और दुखों को समभाव से स्वीकार करने का प्रतीक है।

व्रत विधि और उपवास नियम

गुड़ी पड़वा गुड़ी फहराने, प्रतीकात्मक भोजन करने और प्रार्थनाओं एवं मेलजोल के साथ नववर्ष का स्वागत करने के साथ मनाया जाता है।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • जल्दी उठें, शरीर पर तेल लगाएं और गुनगुने पानी से स्नान करें; नए या नवधोए पारंपरिक वस्त्र पहनें।
  • प्रवेश द्वार पर रंगोली बनाएं और दरवाजे पर आम के पत्तों एवं गेंदे के फूलों का तोरण लगाएं।
  • गुड़ी फहराएं: बांस की छड़ी पर चमकीला कपड़ा, नीम एवं आम के पत्ते और शक्कर की डली बांधें; ऊपर उल्टा पात्र लगाएं और पूर्व दिशा की खिड़की या बालकनी में इसे ऊंचा उठाएं।
  • जीवन के विविध स्वादों के प्रतीक स्वरूप नीम के पत्तों को गुड़, इमली, नमक और कच्चे आम के साथ मिलाकर पारंपरिक प्रसाद तैयार करें एवं खाएं।
  • नववर्ष के लिए पंचांग श्रवण करें और आशीर्वाद के लिए मंदिर जाएं।
  • पड़ोसियों एवं परिवार के साथ मिठाइयां एवं उपहार बांटें; वर्ष की शुभ शुरुआत के लिए विवाद और नकारात्मक वाणी से बचें।

व्रत कथा: भगवान राम का राज्याभिषेक

राक्षसराज रावण को पराजित करने और चौदह वर्ष के वनवास को पूर्ण करने के बाद भगवान राम सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे।

नागरिकों ने उनका अत्यंत हर्ष से स्वागत किया और उन्हें अयोध्या के सिंहासन पर विराजमान किया। उनका राज्याभिषेक 'राम राज्य' के आरंभ का प्रतीक बना, जो न्याय और समृद्धि का स्वर्णिम युग था।

कहा जाता है कि गुड़ी पड़वा इसी राज्याभिषेक का स्मरण कराता है, और घरों के बाहर फहराई जाने वाली गुड़ी राम के धार्मिक शासन की विजय पताका का प्रतिनिधित्व करती है।

इस प्रकार यह त्योहार भगवान राम के आशीर्वाद और धर्म के नवीनीकरण का आह्वान करते हुए नववर्ष का स्वागत करता है।

गुड़ी पड़वा: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: गुड़ी पड़वा किस तिथि को मनाया जाता है?

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा; स्वामी Agni, Nanda Tithi।

प्रश्न: 2026 में गुड़ी पड़वा की तिथि कब से कब तक है?

शुक्ल प्रतिपदा: 06:54 am, गुरु, 19 मार्च 2026 से 04:53 am, शुक्र, 20 मार्च 2026 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: 2027 में गुड़ी पड़वा की तिथि कब है?

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा: 05:21 am, बुध, 7 अप्रैल 2027 से 04:29 am, गुरु, 8 अप्रैल 2027 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: गुड़ी पड़वा की तिथि पर और कौन से पर्व पड़ते हैं?

चैत्र नवरात्रि (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा)।

प्रश्न: गुड़ी किसका प्रतीक है?

गुड़ी विजय, समृद्धि और नववर्ष के दिव्य आशीर्वाद का प्रतीक है; उल्टा पात्र प्रचुरता का और कपड़ा सौभाग्य का प्रतिनिधित्व करता है।

प्रश्न: क्या गुड़ी पड़वा और उगादी एक ही हैं?

दोनों एक ही चंद्र नववर्ष का प्रतीक हैं, परंतु गुड़ी पड़वा महाराष्ट्रीयन नाम है, जबकि उगादी कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में मनाया जाता है।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।