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गुरु नानक जयंती

त्यौहार

त्वरित जानकारी

2045 में तारीख
गुरुवार, 23 नवंबर 2045
तिथि
कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
06:04 pm, 23 नव॰ से 05:13 pm, 24 नव॰ तक
चंद्र मास
कार्तिक · शुक्ल पक्ष
कैलेंडर वर्ष चुनें
Guru Nanak Jayanti
2045 पर्व तिथि और मुहूर्त

गुरु नानक जयंती

गुरुवार, 23 नवंबर 2045

चंद्र मास: कार्तिक

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:06:04 pm, 23 नव॰
तिथि समाप्ति:05:13 pm, 24 नव॰

गुरु नानक जयंती: मुख्य तथ्य

गुरु नानक जयंती का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा (पंद्रहवीं तिथि) को पड़ता है।

तिथि नियम
कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा (पूर्णिमांत)शुक्ल पूर्णिमाकार्तिक मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Chandra · Purna Tithi

आने वाले वर्षों में कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा

वर्षतिथि प्रारंभतिथि समाप्ति
204608:49 pm, सोम, 12 नव॰10:34 pm, मंगल, 13 नव॰

इस दिन का पंचांग

गुरु नानक जयंती · 23 नव॰ 2045

वारगुरुवार
तिथिशुक्ल चतुर्दशी06:21 pm → 06:04 pm
नक्षत्रभरणी08:34 pm → 08:51 pm
योगवरीयान
करणवणिज
चंद्र मासकार्तिक
ब्रह्म मुहूर्त05:02 am → 05:56 am
अभिजित मुहूर्त11:46 am → 12:28 pm
निशिता मुहूर्त11:40 pm → 12:34 am
राहु काल01:26 pm → 02:46 pm

गुरु नानक जयंती के बारे में

गुरपुरब गुरु नानक देव जी, दस सिख गुरुओं में प्रथम और सिख धर्म के संस्थापक, के जन्म का उत्सव है।

व्रत विधि और उपवास नियम

उत्सव कई दिन पहले प्रभात फेरियों के साथ आरंभ होते हैं और गुरु ग्रंथ साहिब के 48 घंटे के निरंतर पाठ के साथ समाप्त होते हैं।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • गुरुद्वारों में 'अखंड पाठ' (गुरु ग्रंथ साहिब का 48 घंटे का निर्बाध पाठ) आयोजित किया जाता है।

गुरु नानक जयंती: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: गुरु नानक जयंती किस तिथि को मनाया जाता है?

कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा; स्वामी Chandra, Purna Tithi।

प्रश्न: 2045 में गुरु नानक जयंती की तिथि कब से कब तक है?

शुक्ल पूर्णिमा: 06:04 pm, गुरु, 23 नव॰ 2045 से 05:13 pm, शुक्र, 24 नव॰ 2045 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: 2046 में गुरु नानक जयंती की तिथि कब है?

कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा: 08:49 pm, सोम, 12 नव॰ 2046 से 10:34 pm, मंगल, 13 नव॰ 2046 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: गुरु नानक जयंती की तिथि पर और कौन से पर्व पड़ते हैं?

देव-दीपावली (त्रिपुरोत्सव) और कार्तिक पूर्णिमा (कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा)।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।