मुख्य सामग्री पर जाएँ
Yoga Panchang
लॉग इन करें

हनुमान जयंती

त्यौहार

अन्य नाम: Hanuman Janmotsava, Hanumaan Jayanti

त्वरित जानकारी

2044 में तारीख
सोमवार, 11 अप्रैल 2044
तिथि
चैत्र शुक्ल पूर्णिमा (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
02:44 pm, 11 अप्रैल से 03:09 pm, 12 अप्रैल तक
चंद्र मास
चैत्र · शुक्ल पक्ष
कैलेंडर वर्ष चुनें
Hanuman Jayanti
2044 पर्व तिथि और मुहूर्त

हनुमान जयंती

सोमवार, 11 अप्रैल 2044

चंद्र मास: चैत्र

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:02:44 pm, 11 अप्रैल
तिथि समाप्ति:03:09 pm, 12 अप्रैल

हनुमान जयंती: मुख्य तथ्य

हनुमान जयंती का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा (पंद्रहवीं तिथि) को पड़ता है।

तिथि नियम
चैत्र शुक्ल पूर्णिमा (पूर्णिमांत)शुक्ल पूर्णिमाचैत्र मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Chandra · Purna Tithi

इस दिन का पंचांग

हनुमान जयंती · 11 अप्रैल 2044

वारसोमवार
तिथिशुक्ल चतुर्दशी02:43 pm → 02:44 pm
नक्षत्रउत्तर फाल्गुनी03:44 am → 04:13 am
योगव्याघात
करणवणिज
चंद्र मासचैत्र
ब्रह्म मुहूर्त04:29 am → 05:14 am
अभिजित मुहूर्त11:56 am → 12:47 pm
निशिता मुहूर्त11:59 pm → 12:44 am
राहु काल07:35 am → 09:10 am

हनुमान जयंती के बारे में

हनुमान जयंती भगवान राम के परम भक्त और शक्ति, भक्ति एवं निःस्वार्थ सेवा के साकार स्वरूप भगवान हनुमान के जन्म का उत्सव है।

क्षेत्रीय पंचांगों के अनुसार, यह चैत्र पूर्णिमा (उत्तर भारत) या मार्गशीर्ष के कृष्ण पक्ष (दक्षिण भारत) में मनाई जाती है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त उपवास रखते हैं, मंदिरों में जाते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • सुबह जल्दी पवित्र स्नान करें और दिनभर उपवास रखें।
  • हनुमान मंदिर जाएं और देवता को शुभ 'चोला' (चमेली के तेल में मिश्रित सिंदूर का लेप) अर्पित करें।
  • हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का पाठ करें, या निरंतर 'श्री राम, जय राम, जय जय राम' का जाप करें।

हनुमान जयंती: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: हनुमान जयंती किस तिथि को मनाया जाता है?

चैत्र शुक्ल पूर्णिमा; स्वामी Chandra, Purna Tithi।

प्रश्न: 2044 में हनुमान जयंती की तिथि कब से कब तक है?

शुक्ल पूर्णिमा: 02:44 pm, सोम, 11 अप्रैल 2044 से 03:09 pm, मंगल, 12 अप्रैल 2044 तक (भारतीय मानक समय)।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।