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काली चौदस

त्यौहार

अन्य नाम: Naraka 14 (Chhoti Diwali), Chhoti Diwali, Kali Chaudas

त्वरित जानकारी

2031 में तारीख
गुरुवार, 13 नवंबर 2031
तिथि
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
05:37 am, 13 नव॰ से 04:25 am, 14 नव॰ तक
चंद्र मास
कार्तिक · कृष्ण पक्ष
कैलेंडर वर्ष चुनें
Kali Chaudas
2031 पर्व तिथि और मुहूर्त

काली चौदस

गुरुवार, 13 नवंबर 2031

चंद्र मास: कार्तिक

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:05:37 am, 13 नव॰
तिथि समाप्ति:04:25 am, 14 नव॰

काली चौदस: मुख्य तथ्य

काली चौदस का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी (चौदहवीं तिथि) को पड़ता है, जिसे अमांत पंचांग आश्विन कृष्ण चतुर्दशी कहता है।

तिथि नियम
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी (पूर्णिमांत)कृष्ण चतुर्दशीकार्तिक मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Shiva · Rikta Tithi
इसी तिथि के अन्य पर्व
हनुमान जयंतीनरक चतुर्दशी

इस दिन का पंचांग

काली चौदस · 13 नव॰ 2031

वारगुरुवार
तिथिकृष्ण चतुर्दशी05:37 am → 04:25 am
नक्षत्रचित्रा01:51 pm → 01:42 pm
योगआयुष्मान
करणविष्टि (भद्रा)
चंद्र मासआश्विन
ब्रह्म मुहूर्त04:56 am → 05:48 am
अभिजित मुहूर्त11:43 am → 12:26 pm
निशिता मुहूर्त11:39 pm → 12:32 am
राहु काल01:26 pm → 02:46 pm

काली चौदस के बारे में

नरक चतुर्दशी दीपावली पर्व का दूसरा दिन है।

यह भगवान कृष्ण की अत्याचारी असुर राजा नरकासुर पर विजय का स्मरण कराती है, जिसने 16,000 राजकुमारियों को बंदी बना रखा था।

व्रत विधि और उपवास नियम

इस दिन सूर्योदय से पहले अभ्यंग स्नान (पवित्र तेल-स्नान) किया जाता है ताकि अशुद्धियां दूर हों।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले सख्ती से जागें। शरीर पर तिल के तेल और उबटन का लेप लगाएं, और अत्यंत शुद्धिकारक 'अभ्यंग स्नान' करें।

काली चौदस: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: काली चौदस किस तिथि को मनाया जाता है?

कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी (अमांत पंचांग में आश्विन कृष्ण चतुर्दशी); स्वामी Shiva, Rikta Tithi।

प्रश्न: 2031 में काली चौदस की तिथि कब से कब तक है?

कृष्ण चतुर्दशी: 05:37 am, गुरु, 13 नव॰ 2031 से 04:25 am, शुक्र, 14 नव॰ 2031 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: काली चौदस की तिथि पर और कौन से पर्व पड़ते हैं?

हनुमान जयंती और नरक चतुर्दशी (कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी)।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।