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काली चौदस

त्यौहार

अन्य नाम: Naraka 14 (Chhoti Diwali), Chhoti Diwali, Kali Chaudas

त्वरित जानकारी

2046 में तारीख
रविवार, 28 अक्टूबर 2046
तिथि
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
12:11 am, 28 अक्टू॰ से 08:29 pm, 28 अक्टू॰ तक
चंद्र मास
कार्तिक · कृष्ण पक्ष
कैलेंडर वर्ष चुनें
Kali Chaudas
2046 पर्व तिथि और मुहूर्त

काली चौदस

रविवार, 28 अक्टूबर 2046

चंद्र मास: कार्तिक

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:12:11 am, 28 अक्टू॰
तिथि समाप्ति:08:29 pm, 28 अक्टू॰

काली चौदस: मुख्य तथ्य

काली चौदस का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी (चौदहवीं तिथि) को पड़ता है, जिसे अमांत पंचांग आश्विन कृष्ण चतुर्दशी कहता है।

तिथि नियम
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी (पूर्णिमांत)कृष्ण चतुर्दशीकार्तिक मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Shiva · Rikta Tithi
इसी तिथि के अन्य पर्व
नरक चतुर्दशीहनुमान जयंती

इस दिन का पंचांग

काली चौदस · 28 अक्टू॰ 2046

वाररविवार
तिथिकृष्ण चतुर्दशी12:11 am → 08:29 pm
नक्षत्रहस्त02:40 pm → 11:47 am
योगविष्कम्भ
करणशकुनि
चंद्र मासआश्विन
ब्रह्म मुहूर्त04:47 am → 05:38 am
अभिजित मुहूर्त11:42 am → 12:27 pm
निशिता मुहूर्त11:39 pm → 12:30 am
राहु काल04:15 pm → 05:39 pm

काली चौदस के बारे में

नरक चतुर्दशी दीपावली पर्व का दूसरा दिन है।

यह भगवान कृष्ण की अत्याचारी असुर राजा नरकासुर पर विजय का स्मरण कराती है, जिसने 16,000 राजकुमारियों को बंदी बना रखा था।

व्रत विधि और उपवास नियम

इस दिन सूर्योदय से पहले अभ्यंग स्नान (पवित्र तेल-स्नान) किया जाता है ताकि अशुद्धियां दूर हों।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले सख्ती से जागें। शरीर पर तिल के तेल और उबटन का लेप लगाएं, और अत्यंत शुद्धिकारक 'अभ्यंग स्नान' करें।

काली चौदस: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: काली चौदस किस तिथि को मनाया जाता है?

कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी (अमांत पंचांग में आश्विन कृष्ण चतुर्दशी); स्वामी Shiva, Rikta Tithi।

प्रश्न: 2046 में काली चौदस की तिथि कब से कब तक है?

कृष्ण चतुर्दशी: 12:11 am, रवि, 28 अक्टू॰ 2046 से 08:29 pm, रवि, 28 अक्टू॰ 2046 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: काली चौदस की तिथि पर और कौन से पर्व पड़ते हैं?

नरक चतुर्दशी और हनुमान जयंती (कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी)।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।