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राखी

त्यौहार

अन्य नाम: Rakhi

त्वरित जानकारी

2046 में तारीख
बुधवार, 15 अगस्त 2046
तिथि
श्रावण शुक्ल पूर्णिमा (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
06:39 pm, 15 अग॰ से 08:20 pm, 16 अग॰ तक
चंद्र मास
श्रावण · शुक्ल पक्ष
कैलेंडर वर्ष चुनें
Rakhi
2046 पर्व तिथि और मुहूर्त

राखी

बुधवार, 15 अगस्त 2046

चंद्र मास: श्रावण

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:06:39 pm, 15 अग॰
तिथि समाप्ति:08:20 pm, 16 अग॰

राखी: मुख्य तथ्य

राखी का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा (पंद्रहवीं तिथि) को पड़ता है।

तिथि नियम
श्रावण शुक्ल पूर्णिमा (पूर्णिमांत)शुक्ल पूर्णिमाश्रावण मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Chandra · Purna Tithi
इसी तिथि के अन्य पर्व
गायत्री जयंतीरक्षा बंधन

इस दिन का पंचांग

राखी · 15 अग॰ 2046

वारबुधवार
तिथिशुक्ल चतुर्दशी05:21 pm → 06:39 pm
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा04:27 am → 06:11 am
योगसौभाग्य
करणवणिज
चंद्र मासश्रावण
ब्रह्म मुहूर्त04:23 am → 05:07 am
अभिजित मुहूर्त11:59 am → 12:51 pm
निशिता मुहूर्त12:04 am → 12:47 am
राहु काल12:25 pm → 02:04 pm

राखी के बारे में

रक्षा बंधन एक सुंदर प्राचीन पर्व है, जो भाई-बहनों के बीच प्रेम, देखभाल और सुरक्षा के अटूट बंधन का उत्सव मनाता है।

श्रावण मास की पूर्णिमा (पूर्णिमा) को मनाया जाने वाला यह पर्व एक बहन द्वारा अपने भाई की कलाई पर पवित्र धागा (राखी) बाँधने के इर्द-गिर्द केंद्रित है।

व्रत विधि और उपवास नियम

इस पर्व में राखी बंधन तक व्रत रखना, आरती करना और मिठाइयाँ तथा उपहार आदान-प्रदान करना शामिल है।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • परंपरागत रूप से भाई और बहन दोनों राखी समारोह पूर्ण होने तक व्रत रखते हैं।
  • बहन तिलक लगाती है, भाई की आरती उतारती है, और उसकी दाहिनी कलाई पर राखी बाँधती है।
  • अशुभ 'भद्रा काल' के दौरान राखी बाँधने से बचना अत्यंत आवश्यक है।

राखी: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: राखी किस तिथि को मनाया जाता है?

श्रावण शुक्ल पूर्णिमा; स्वामी Chandra, Purna Tithi।

प्रश्न: 2046 में राखी की तिथि कब से कब तक है?

शुक्ल पूर्णिमा: 06:39 pm, बुध, 15 अग॰ 2046 से 08:20 pm, गुरु, 16 अग॰ 2046 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: राखी की तिथि पर और कौन से पर्व पड़ते हैं?

गायत्री जयंती और रक्षा बंधन (श्रावण शुक्ल पूर्णिमा)।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।