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रथ सप्तमी

त्यौहार

अन्य नाम: Aarogya (Ratha) 7

त्वरित जानकारी

2043 में तारीख
रविवार, 15 फ़रवरी 2043
तिथि
माघ शुक्ल सप्तमी (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
01:37 pm, 15 फ़र॰ से 11:30 am, 16 फ़र॰ तक
चंद्र मास
माघ · शुक्ल पक्ष
कैलेंडर वर्ष चुनें
Ratha Saptami
2043 पर्व तिथि और मुहूर्त

रथ सप्तमी

रविवार, 15 फ़रवरी 2043

चंद्र मास: माघ

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:01:37 pm, 15 फ़र॰
तिथि समाप्ति:11:30 am, 16 फ़र॰

रथ सप्तमी: मुख्य तथ्य

रथ सप्तमी का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी (सातवीं तिथि) को पड़ता है।

तिथि नियम
माघ शुक्ल सप्तमी (पूर्णिमांत)शुक्ल सप्तमीमाघ मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Surya · Bhadra Tithi

आने वाले वर्षों में माघ शुक्ल सप्तमी

वर्षतिथि प्रारंभतिथि समाप्ति
204409:35 am, शुक्र, 5 फ़र॰08:08 am, शनि, 6 फ़र॰
204510:25 pm, मंगल, 24 जन॰10:46 pm, बुध, 25 जन॰
204607:15 pm, सोम, 12 फ़र॰08:29 pm, मंगल, 13 फ़र॰

इस दिन का पंचांग

रथ सप्तमी · 15 फ़र॰ 2043

वाररविवार
तिथिशुक्ल षष्ठी03:52 pm → 01:37 pm
नक्षत्रअश्विनी01:55 pm → 12:23 pm
योगशुक्ल
करणतैतिल
चंद्र मासमाघ
ब्रह्म मुहूर्त05:17 am → 06:08 am
अभिजित मुहूर्त12:13 pm → 12:57 pm
निशिता मुहूर्त12:09 am → 01:00 am
राहु काल04:47 pm → 06:11 pm

रथ सप्तमी के बारे में

रथ सप्तमी सूर्य देव को समर्पित एक शुभ पर्व है। यह प्रतीकात्मक रूप से सूर्य देव के अपने रथ को उत्तरी गोलार्ध (उत्तरायण) की ओर मोड़ने का प्रतीक है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त सूर्योदय से पहले स्नान करते हैं और रोगों को दूर करने के लिए सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • स्नान करते समय सिर, कंधों और घुटनों पर अर्क के पत्ते रखना पापों के नाश और रोगों की रोकथाम के लिए परंपरागत माना जाता है।

रथ सप्तमी: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: रथ सप्तमी किस तिथि को मनाया जाता है?

माघ शुक्ल सप्तमी; स्वामी Surya, Bhadra Tithi।

प्रश्न: 2043 में रथ सप्तमी की तिथि कब से कब तक है?

शुक्ल सप्तमी: 01:37 pm, रवि, 15 फ़र॰ 2043 से 11:30 am, सोम, 16 फ़र॰ 2043 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: 2044 में रथ सप्तमी की तिथि कब है?

माघ शुक्ल सप्तमी: 09:35 am, शुक्र, 5 फ़र॰ 2044 से 08:08 am, शनि, 6 फ़र॰ 2044 तक (भारतीय मानक समय)।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।