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संकट चतुर्थी

त्यौहार

अन्य नाम: Sankatahara Chaturthi, Sankat Chaturthi

त्वरित जानकारी

2044 में तारीख
शुक्रवार, 12 अगस्त 2044
तिथि
भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
06:13 am, 12 अग॰ से 06:31 am, 13 अग॰ तक
चंद्र मास
भाद्रपद · कृष्ण पक्ष
कैलेंडर वर्ष चुनें
Sankat Chaturthi
2044 पर्व तिथि और मुहूर्त

संकट चतुर्थी

शुक्रवार, 12 अगस्त 2044

चंद्र मास: भाद्रपद

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:06:13 am, 12 अग॰
तिथि समाप्ति:06:31 am, 13 अग॰

संकट चतुर्थी: मुख्य तथ्य

संकट चतुर्थी का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (चौथी तिथि) को पड़ता है, जिसे अमांत पंचांग श्रावण कृष्ण चतुर्थी कहता है।

तिथि नियम
भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी (पूर्णिमांत)कृष्ण चतुर्थीभाद्रपद मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Ganesha · Rikta Tithi

इस दिन का पंचांग

संकट चतुर्थी · 12 अग॰ 2044

वारशुक्रवार
तिथिकृष्ण चतुर्थी06:13 am → 06:31 am
नक्षत्रपूर्व भाद्रपद08:20 am → 09:41 am
योगसुकर्मा
करणबव
चंद्र मासश्रावण
ब्रह्म मुहूर्त04:22 am → 05:06 am
अभिजित मुहूर्त11:59 am → 12:52 pm
निशिता मुहूर्त12:04 am → 12:47 am
राहु काल10:46 am → 12:25 pm

संकट चतुर्थी के बारे में

संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक शुभ दिन है। 'संकष्टी' का अर्थ है 'कठिन समय में मुक्ति'।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त बाधाओं को दूर करने के लिए भगवान गणेश का आशीर्वाद पाने हेतु सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखते हैं।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • चंद्रोदय की प्रतीक्षा करें। चंद्रमा के दर्शन होते ही, चंद्र देव को अर्घ्य (चंदन के लेप और फूल मिश्रित जल) अर्पित करें।
  • अर्घ्य अर्पित करने और चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत का पारण करें।

संकट चतुर्थी: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: संकट चतुर्थी किस तिथि को मनाया जाता है?

भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी (अमांत पंचांग में श्रावण कृष्ण चतुर्थी); स्वामी Ganesha, Rikta Tithi।

प्रश्न: 2044 में संकट चतुर्थी की तिथि कब से कब तक है?

कृष्ण चतुर्थी: 06:13 am, शुक्र, 12 अग॰ 2044 से 06:31 am, शनि, 13 अग॰ 2044 तक (भारतीय मानक समय)।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।