वट पूर्णिमा व्रत
त्यौहारअन्य नाम: Vat Purnima Vrat, Vat Savitri Vrat
त्वरित जानकारी
- 2034 में तारीख
- गुरुवार, 1 जून 2034
- तिथि
- ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा (पूर्णिमांत)
- तिथि प्रारंभ से समाप्ति
- 07:17 am, 01 जून से 09:24 am, 02 जून तक
- चंद्र मास
- ज्येष्ठ · शुक्ल पक्ष

वट पूर्णिमा व्रत
गुरुवार, 1 जून 2034
चंद्र मास: ज्येष्ठ
वट पूर्णिमा व्रत: मुख्य तथ्य
वट पूर्णिमा व्रत का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा (पंद्रहवीं तिथि) को पड़ता है।
- तिथि नियम
- ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा (पूर्णिमांत)शुक्ल पूर्णिमाज्येष्ठ मास
- तिथि स्वामी और श्रेणी
- Chandra · Purna Tithi
आने वाले वर्षों में ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा
इस दिन का पंचांग
वट पूर्णिमा व्रत · 1 जून 2034
वट पूर्णिमा व्रत के बारे में
वट सावित्री व्रत विवाहित हिंदू महिलाओं द्वारा अपने पतियों की दीर्घायु के लिए रखा जाने वाला एक शक्तिशाली व्रत दिवस है।
यह राजकुमारी सावित्री की भक्ति का सम्मान करता है, जिसने यमराज (मृत्यु के देवता) को धोखा देकर अपने मृत पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।
व्रत विधि और उपवास नियम
महिलाएं व्रत रखती हैं, दुल्हन के श्रृंगार में सजती हैं, और बरगद के पेड़ (वट वृक्ष) के चारों ओर पवित्र धागे बांधती हैं।
- बरगद के पेड़ की 108 बार परिक्रमा करें, उसके तने के चारों ओर कच्चा पीला/लाल सूती धागा बांधते हुए।
वट पूर्णिमा व्रत: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा; स्वामी Chandra, Purna Tithi।
शुक्ल पूर्णिमा: 07:17 am, गुरु, 1 जून 2034 से 09:24 am, शुक्र, 2 जून 2034 तक (भारतीय मानक समय)।
ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा: 10:45 pm, मंगल, 19 जून 2035 से 01:08 am, गुरु, 21 जून 2035 तक (भारतीय मानक समय)।
इसी चंद्र मास के पर्व
Jyeshtha
टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।
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