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वट पूर्णिमा व्रत

त्यौहार

अन्य नाम: Vat Purnima Vrat, Vat Savitri Vrat

त्वरित जानकारी

2045 में तारीख
सोमवार, 29 मई 2045
तिथि
ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
11:07 pm, 29 मई से 11:22 pm, 30 मई तक
चंद्र मास
ज्येष्ठ · शुक्ल पक्ष
कैलेंडर वर्ष चुनें
Vat Purnima Vrat
2045 पर्व तिथि और मुहूर्त

वट पूर्णिमा व्रत

सोमवार, 29 मई 2045

चंद्र मास: ज्येष्ठ

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:11:07 pm, 29 मई
तिथि समाप्ति:11:22 pm, 30 मई

वट पूर्णिमा व्रत: मुख्य तथ्य

वट पूर्णिमा व्रत का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा (पंद्रहवीं तिथि) को पड़ता है।

तिथि नियम
ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा (पूर्णिमांत)शुक्ल पूर्णिमाज्येष्ठ मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Chandra · Purna Tithi

इस दिन का पंचांग

वट पूर्णिमा व्रत · 29 मई 2045

वारसोमवार
तिथिशुक्ल चतुर्दशी11:18 pm → 11:07 pm
नक्षत्रस्वाती12:23 am → 12:33 am
योगपरिघ
करणवणिज
चंद्र मासज्येष्ठ
ब्रह्म मुहूर्त04:02 am → 04:43 am
अभिजित मुहूर्त11:51 am → 12:46 pm
निशिता मुहूर्त11:58 pm → 12:38 am
राहु काल07:07 am → 08:51 am

वट पूर्णिमा व्रत के बारे में

वट सावित्री व्रत विवाहित हिंदू महिलाओं द्वारा अपने पतियों की दीर्घायु के लिए रखा जाने वाला एक शक्तिशाली व्रत दिवस है।

यह राजकुमारी सावित्री की भक्ति का सम्मान करता है, जिसने यमराज (मृत्यु के देवता) को धोखा देकर अपने मृत पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

व्रत विधि और उपवास नियम

महिलाएं व्रत रखती हैं, दुल्हन के श्रृंगार में सजती हैं, और बरगद के पेड़ (वट वृक्ष) के चारों ओर पवित्र धागे बांधती हैं।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • बरगद के पेड़ की 108 बार परिक्रमा करें, उसके तने के चारों ओर कच्चा पीला/लाल सूती धागा बांधते हुए।

वट पूर्णिमा व्रत: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: वट पूर्णिमा व्रत किस तिथि को मनाया जाता है?

ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा; स्वामी Chandra, Purna Tithi।

प्रश्न: 2045 में वट पूर्णिमा व्रत की तिथि कब से कब तक है?

शुक्ल पूर्णिमा: 11:07 pm, सोम, 29 मई 2045 से 11:22 pm, मंगल, 30 मई 2045 तक (भारतीय मानक समय)।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।