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वट सावित्री व्रत

त्यौहार

अन्य नाम: Vat Purnima Vrat, Vat Savitri Vrat

त्वरित जानकारी

2043 में तारीख
शनिवार, 6 जून 2043
तिथि
ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत)
तिथि प्रारंभ से समाप्ति
07:48 pm, 06 जून से 04:05 pm, 07 जून तक
चंद्र मास
ज्येष्ठ · कृष्ण पक्ष
कैलेंडर वर्ष चुनें
Vat Savitri Vrat
2043 पर्व तिथि और मुहूर्त

वट सावित्री व्रत

शनिवार, 6 जून 2043

चंद्र मास: ज्येष्ठ

तिथि / मुहूर्त समय
तिथि प्रारंभ:07:48 pm, 06 जून
तिथि समाप्ति:04:05 pm, 07 जून

वट सावित्री व्रत: मुख्य तथ्य

वट सावित्री व्रत का दिन चंद्र पंचांग से तय होता है: यह ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या (पंद्रहवीं तिथि) को पड़ता है, जिसे अमांत पंचांग वैशाख कृष्ण अमावस्या कहता है।

तिथि नियम
ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या (पूर्णिमांत)कृष्ण अमावस्याज्येष्ठ मास
तिथि स्वामी और श्रेणी
Pitra · Purna Tithi
इसी तिथि के अन्य पर्व
शनि जयंतीभावुका अमावस्या

आने वाले वर्षों में ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या

वर्षतिथि प्रारंभतिथि समाप्ति
204412:46 pm, गुरु, 26 मई09:09 am, शुक्र, 27 मई
204501:36 am, मंगल, 16 मई11:57 pm, मंगल, 16 मई
204609:07 pm, रवि, 3 जून08:52 pm, सोम, 4 जून

इस दिन का पंचांग

वट सावित्री व्रत · 6 जून 2043

वारशनिवार
तिथिकृष्ण चतुर्दशी11:30 pm → 07:48 pm
नक्षत्रकृत्तिका11:43 pm → 08:51 pm
योगसुकर्मा
करणशकुनि
चंद्र मासवैशाख
ब्रह्म मुहूर्त04:02 am → 04:42 am
अभिजित मुहूर्त11:52 am → 12:47 pm
निशिता मुहूर्त11:59 pm → 12:40 am
राहु काल08:51 am → 10:35 am

वट सावित्री व्रत के बारे में

वट सावित्री व्रत विवाहित हिंदू महिलाओं द्वारा अपने पतियों की दीर्घायु के लिए रखा जाने वाला एक शक्तिशाली व्रत दिवस है।

यह राजकुमारी सावित्री की भक्ति का सम्मान करता है, जिसने यमराज (मृत्यु के देवता) को धोखा देकर अपने मृत पति सत्यवान का जीवन वापस पाया।

व्रत विधि और उपवास नियम

महिलाएं व्रत रखती हैं, दुल्हन के श्रृंगार में सजती हैं, और बरगद के पेड़ (वट वृक्ष) के चारों ओर पवित्र धागे बांधती हैं।

चरण-दर-चरण उपवास प्रक्रिया:
  • बरगद के पेड़ की 108 बार परिक्रमा करें, उसके तने के चारों ओर कच्चा पीला/लाल सूती धागा बांधते हुए।

वट सावित्री व्रत: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: वट सावित्री व्रत किस तिथि को मनाया जाता है?

ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या (अमांत पंचांग में वैशाख कृष्ण अमावस्या); स्वामी Pitra, Purna Tithi।

प्रश्न: 2043 में वट सावित्री व्रत की तिथि कब से कब तक है?

कृष्ण अमावस्या: 07:48 pm, शनि, 6 जून 2043 से 04:05 pm, रवि, 7 जून 2043 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: 2044 में वट सावित्री व्रत की तिथि कब है?

ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या: 12:46 pm, गुरु, 26 मई 2044 से 09:09 am, शुक्र, 27 मई 2044 तक (भारतीय मानक समय)।

प्रश्न: वट सावित्री व्रत की तिथि पर और कौन से पर्व पड़ते हैं?

शनि जयंती और भावुका अमावस्या (ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या)।

टिप्पणी: समय तारीख सहित दिए गए हैं; पंचांग का दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक होता है।