मुख्य सामग्री पर जाएँ
Yoga Panchang
लॉग इन करें

Bali Daityaraja Puja

ISKCON

अन्य नाम: Bali Puja

कैलेंडर वर्ष चुनें
Bali Daityaraja Puja
2026 ISKCON तिथि

Bali Daityaraja Puja

Bali Daityaraja Puja के बारे में

बलि दैत्यराज पूजा राजा बलि की आराधना है, जो अपने असाधारण दान और भगवान वामनदेव से मिलन के लिए स्मरण किए जाने वाले उदार एवं महान असुर राजा थे।

श्रीमद्भागवतम् के अनुसार, भगवान वामनदेव एक वामन ब्राह्मण के रूप में प्रकट हुए और राजा बलि से तीन पग भूमि माँगी।

इस्कॉन में बलि दैत्यराज पूजा राजा बलि के असाधारण दान के सम्मान में विशेष आराधना और अर्घ्य अर्पण के साथ मनाई जाती है।

व्रत विधि और उपवास नियम

इस दिन राजा बलि की आराधना, अर्घ्य अर्पण तथा उदारता एवं समर्पण पर चिंतन किया जाता है।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • भोग, पुष्प और दीप के साथ बलि पूजा संपन्न करें।
  • श्रीमद्भागवतम् से भगवान वामनदेव और राजा बलि की लीला का पाठ करें।
  • उदारता तथा भगवान के प्रति समर्पण के महत्व पर चिंतन करें।
  • समुदाय में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: राजा बलि कौन थे?

एक उदार असुर राजा, जिन्होंने परम दान के कार्य में भगवान वामनदेव को सर्वस्व अर्पित कर दिया था।

प्रश्न: भगवान वामनदेव ने उन्हें क्या प्रदान किया?

उन्होंने बलि को पाताल लोक का राज्य तथा इस दिन पूजित होने का वरदान प्रदान किया।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।