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Shri Krishna Pushya Abhisheka

ISKCON

अन्य नाम: Pushya Abhisheka

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Shri Krishna Pushya Abhisheka
2026 ISKCON तिथि

Shri Krishna Pushya Abhisheka

Shri Krishna Pushya Abhisheka के बारे में

श्री कृष्ण पुष्य अभिषेक पौष मास में पुष्य नक्षत्र के दौरान भगवान कृष्ण की देवता का औपचारिक अभिषेक है।

वैदिक ज्योतिष में पुष्य को सर्वाधिक शुभ नक्षत्र माना जाता है, और इस समय अभिषेकम् करने से अपार आध्यात्मिक पुण्य प्राप्त होने की मान्यता है।

इस्कॉन में पुष्य अभिषेक वर्ष के सबसे विस्तृत और भव्य अभिषेक समारोहों में से एक है।

व्रत विधि और उपवास नियम

इस दिन भव्य अभिषेक समारोह, पवित्र नामों का जप, और महाप्रसाद का वितरण किया जाता है।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • इस पावन दिन उपवास रखें अथवा सादा भोजन करें।
  • अभिषेक समारोह में भाग लें, देवता पर पवित्र द्रव्य अर्पित करते हुए।
  • समारोह भर हरे कृष्ण महामंत्र का जप करें।
  • अभिषेक के पश्चात वितरित महाप्रसाद का सम्मान करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: पुष्य नक्षत्र क्या है?

पुष्य को आध्यात्मिक समारोहों और अभिषेकम् के संपादन हेतु सर्वाधिक शुभ नक्षत्र माना जाता है।

प्रश्न: अभिषेक में किन द्रव्यों का उपयोग किया जाता है?

पवित्र द्रव्यों में गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, शर्करा-जल, फलों का रस, और चंदन का लेप सम्मिलित हैं।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।