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Tulasi Shalagrama Vivaha

ISKCON

अन्य नाम: Tulsi Vivaha

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Tulasi Shalagrama Vivaha
2026 ISKCON तिथि

Tulasi Shalagrama Vivaha

Tulasi Shalagrama Vivaha के बारे में

तुलसी शालिग्राम विवाह तुलसी के पौधे (पवित्र तुलसी) और शालिग्राम शिला (भगवान विष्णु का प्रतिनिधित्व करने वाली) के दिव्य विवाह का स्मरण कराता है।

तुलसी के पौधे को देवी तुलसी (वृंदा) का स्वरूप माना जाता है, जो भगवान कृष्ण की नित्य सहचरी हैं।

इस्कॉन में, तुलसी विवाह समारोह अत्यंत श्रद्धा, वैदिक मंत्रों, और विधि-विधानों के साथ संपन्न किया जाता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

यह दिन तुलसी और शालिग्राम के विधिवत विवाह, वैदिक मंत्रों, और प्रसाद वितरण के साथ मनाया जाता है।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • मंदिर में तुलसी विवाह समारोह में भाग लें।
  • दिव्य युगल को प्रार्थनाएँ और अर्घ्य अर्पित करें।
  • तुलसी स्तोत्र का पाठ करें और तुलसी के पौधे को जल अर्पित करें।
  • समारोह के पश्चात वितरित पवित्र प्रसाद ग्रहण करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: तुलसी विवाह का क्या महत्व है?

यह भक्त (तुलसी) और परम भगवान (शालिग्राम) के नित्य मिलन का प्रतीक है।

प्रश्न: तुलसी का पौधा पवित्र क्यों है?

उन्हें देवी तुलसी (वृंदा) का स्वरूप माना जाता है, जो भगवान कृष्ण की नित्य सहचरी हैं।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।