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Dhanteras

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2026 Kannada तिथि

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Dhanteras के बारे में

धनतेरस कार्तिक मास (अक्टूबर-नवंबर) के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को, दीपावली से दो दिन पहले मनाई जाती है। यह आयुर्वेद और स्वास्थ्य के देवता भगवान धन्वंतरि को समर्पित है।

भक्त समृद्धि के प्रतीक के रूप में सोना, चांदी या नए बर्तन खरीदते हैं। यह दिन नई खरीदारी और निवेश के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

कर्नाटक में यह त्योहार पारंपरिक अनुष्ठानों, तेल के दीये जलाने और स्वास्थ्य व समृद्धि के लिए विशेष पूजा के साथ मनाया जाता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त पारंपरिक अनुष्ठान करते हैं और समृद्धि के लिए नई वस्तुएँ खरीदते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें।
  • सोना, चांदी या नए बर्तन खरीदें।
  • तेल के दीये जलाएँ और विशेष पूजा करें।
  • मंदिरों में जाकर स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: यह त्योहार समृद्धि और स्वास्थ्य का उत्सव है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
भगवान धन्वंतरि की मूर्ति या चित्रसोना, चांदी या नए बर्तनफूल और मालाअगरबत्ती और कपूरतेल के दीये
पूजा प्रक्रिया:
  1. फूलों और सजावट से धन्वंतरि वेदी तैयार करें।
  2. स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना करें।
  3. तेल के दीये जलाएँ और आरती करें।
  4. भक्तों में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: धनतेरस पर सोना क्यों खरीदा जाता है?

सोने को समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस पर सोना खरीदने से निरंतर धन और आशीर्वाद प्राप्त होने की मान्यता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।