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Ganga Dussehra

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Ganga Dussehra
2026 Kannada तिथि

Ganga Dussehra

Ganga Dussehra के बारे में

गंगा दशहरा ज्येष्ठ मास (मई-जून) में पवित्र नदी गंगा के स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण की स्मृति में मनाई जाती है।

भक्त नदियों में पवित्र स्नान करते हैं और आध्यात्मिक शुद्धि व आशीर्वाद के लिए माँ गंगा की विशेष पूजा करते हैं।

कर्नाटक में यह त्योहार नदी किनारों और मंदिरों में मनाया जाता है, जहाँ भक्त अनुष्ठान करते हैं और प्रार्थना अर्पित करते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त उपवास रखते हैं और नदियों में पवित्र स्नान करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले उठें और नदी में स्नान करें।
  • माँ गंगा से प्रार्थना करें।
  • दान करें और जरूरतमंदों को भोजन वितरित करें।
  • दिन प्रार्थना और ध्यान में बिताएँ।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: शाम की पूजा के बाद उत्सव भोजन के साथ व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
गंगाजलफूल और मालाअगरबत्ती और कपूरफल और मिठाई
पूजा प्रक्रिया:
  1. सुबह-सुबह नदी में पवित्र स्नान करें।
  2. फूलों और अगरबत्ती के साथ माँ गंगा से प्रार्थना करें।
  3. दान करें और भोजन वितरित करें।
  4. भक्तों में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: गंगा दशहरा का महत्व क्या है?

यह पवित्र नदी गंगा के स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण की स्मृति में मनाई जाती है, और माना जाता है कि इस दिन पवित्र स्नान करने से पापों का नाश होता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।