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Kajari Teej

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2026 Kannada तिथि

Kajari Teej

Kajari Teej के बारे में

कजरी तीज भाद्रपद मास (अगस्त-सितंबर) के कृष्ण पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। यह देवी पार्वती और भगवान शिव को समर्पित है।

इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और अपने पति के कल्याण के लिए विशेष पूजा करती हैं। वे झूला झूलती हैं और पारंपरिक गीत भी गाती हैं।

कर्नाटक में यह त्योहार पारंपरिक अनुष्ठानों, झूलों और सामुदायिक समारोहों के साथ मनाया जाता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

महिलाएं अपने पति के कल्याण के लिए व्रत रखती हैं और विशेष पूजा करती हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें।
  • पूरे दिन व्रत रखें।
  • देवी पार्वती और भगवान शिव की विशेष पूजा करें।
  • सखियों के साथ झूला झूलें और पारंपरिक गीत गाएं।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: संध्या पूजा के बाद उत्सव भोज के साथ व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
देवी पार्वती की मूर्ति या चित्रफूल और मालाफल और मिठाइयांधूप और कपूरझूला और सजावट
पूजा प्रक्रिया:
  1. फूलों और सजावट के साथ पार्वती की वेदी सजाएं।
  2. देवी पार्वती और भगवान शिव से प्रार्थना करें।
  3. मंत्रोच्चार करें और आरती करें।
  4. सखियों के साथ झूला झूलें और पारंपरिक गीत गाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: कजरी तीज का क्या महत्व है?

यह देवी पार्वती और भगवान शिव को समर्पित है, जिसमें महिलाएं अपने पति के कल्याण के लिए प्रार्थना करती हैं और पारंपरिक उत्सव मनाती हैं।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।