मुख्य सामग्री पर जाएँ
Yoga Panchang
लॉग इन करें

Kalabhairav Jayanti

Kannada
कैलेंडर वर्ष चुनें
Kalabhairav Jayanti
2026 Kannada तिथि

Kalabhairav Jayanti

Kalabhairav Jayanti के बारे में

कालभैरव जयंती भगवान कालभैरव, भगवान शिव के उग्र स्वरूप, के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है। यह मार्गशीर्ष मास (नवंबर-दिसंबर) में पड़ती है।

भक्त शिव मंदिरों में जाते हैं, प्रार्थना करते हैं, और इस दिव्य अवतार का उत्सव मनाने वाले विशेष अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।

कर्नाटक में यह त्योहार पारंपरिक भोज, भक्ति गायन और सामुदायिक समारोहों के साथ मनाया जाता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त हल्का व्रत रखते हैं और शिव की विशेष आराधना करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें।
  • विशेष पूजा के लिए शिव मंदिरों में जाएं।
  • प्रार्थना करें और अनुष्ठानों में भाग लें।
  • दिन ध्यान और आध्यात्मिक साधना में व्यतीत करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: संध्या पूजा के बाद उत्सव भोज के साथ व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
भगवान कालभैरव की मूर्ति या चित्रफूल और मालाफल और मिठाइयांधूप और कपूरपवित्र जल
पूजा प्रक्रिया:
  1. फूलों और सजावट के साथ कालभैरव की वेदी सजाएं।
  2. पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ भगवान कालभैरव से प्रार्थना करें।
  3. मंत्रोच्चार करें और आरती करें।
  4. भक्तों में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: कालभैरव जयंती का क्या महत्व है?

यह भगवान कालभैरव, भगवान शिव के उग्र स्वरूप, के जन्मदिवस का उत्सव है, जो बुराई का नाश करते हैं और भक्तों की रक्षा करते हैं।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।