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Karwa Chauth

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Karwa Chauth
2026 Kannada तिथि

Karwa Chauth

Karwa Chauth के बारे में

करवा चौथ कार्तिक मास (अक्टूबर-नवंबर) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है। यह विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की दीर्घायु और कल्याण के लिए रखा जाने वाला व्रत है।

महिलाएं सूर्योदय से पहले उठती हैं, सरगी (सूर्योदय-पूर्व का भोजन) खाती हैं, और पूरे दिन कठोर व्रत रखती हैं, जिसे केवल चंद्रमा को देखने के बाद ही तोड़ा जाता है।

कर्नाटक में यह त्योहार पारंपरिक अनुष्ठानों, मेहंदी लगाने और सामुदायिक समारोहों के साथ मनाया जाता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए पूरे दिन कठोर व्रत रखती हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले उठें और सरगी (सूर्योदय-पूर्व भोजन) खाएं।
  • पूरे दिन कठोर व्रत रखें।
  • मेहंदी लगाएं और पारंपरिक वस्त्र धारण करें।
  • संध्या को चंद्रमा को देखने के बाद व्रत खोलें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: संध्या को चंद्रमा को देखने के बाद व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
करवा (मिट्टी का पात्र)फूल और मालामेहंदीफल और मिठाइयांधूप और कपूर
पूजा प्रक्रिया:
  1. सरगी तैयार करें और सूर्योदय से पहले खाएं।
  2. मेहंदी लगाएं और पारंपरिक वस्त्र धारण करें।
  3. संध्या को करवा चौथ की पूजा करें।
  4. चंद्रमा को देखने के बाद व्रत खोलें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: करवा चौथ का क्या महत्व है?

विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और कल्याण के लिए यह व्रत रखती हैं, जो विवाह के पवित्र बंधन का उत्सव मनाता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।