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Maha Shivaratri

Kannada

अन्य नाम: Shivaratri

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Maha Shivaratri
2026 Kannada तिथि

Maha Shivaratri

Maha Shivaratri के बारे में

महा शिवरात्रि, भगवान शिव की महान रात्रि, माघ मास (फरवरी-मार्च) के कृष्ण पक्ष की 14वीं तिथि को मनाई जाती है। यह हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है।

भक्त कठोर व्रत रखते हैं, शिव मंदिरों में जाते हैं, और पूरी रात विशेष पूजा करते हैं, शिवलिंग पर बेल पत्र, दूध और जल अर्पित करते हैं।

कर्नाटक में यह त्योहार धर्मस्थल मंजूनाथ मंदिर और मुरुदेश्वर मंदिर जैसे प्रमुख शिव मंदिरों में अत्यंत भक्तिभाव के साथ मनाया जाता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त कठोर व्रत रखते हैं और शिव मंदिरों में रात्रि जागरण करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें।
  • पूरे दिन कठोर व्रत रखें।
  • शिव मंदिरों में जाकर विशेष पूजा करें।
  • पूरी रात प्रार्थना और भक्ति में जागते रहें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: अगली सुबह मंदिर की पूजा के बाद व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
शिवलिंग या चित्रबेल पत्र (बिल्व)अभिषेक के लिए दूध और जलफूल और मालाधूप और अगरबत्ती
पूजा प्रक्रिया:
  1. शिव वेदी को साफ करें और पूजा स्थल तैयार करें।
  2. भगवान शिव को बेल पत्र, दूध और जल अर्पित करें।
  3. दूध और जल से अभिषेक करें।
  4. पूरी रात 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: महा शिवरात्रि क्यों मनाई जाती है?

यह उस रात्रि का प्रतीक है जब भगवान शिव ने ब्रह्मांडीय नृत्य (तांडव) किया था, और साथ ही शिव-पार्वती विवाह की रात्रि भी है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।