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Sakat Chauth

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Sakat Chauth
2026 Kannada तिथि

Sakat Chauth

Sakat Chauth के बारे में

सकट चौथ माघ मास (जनवरी-फरवरी) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को पड़ती है। यह भगवान गणेश को समर्पित है और माताएँ इसे अपनी संतान की भलाई के लिए मनाती हैं।

महिलाएँ उपवास रखती हैं और अपनी संतान की रक्षा व समृद्धि के लिए भगवान गणेश का आशीर्वाद पाने हेतु विशेष पूजा करती हैं।

कर्नाटक में यह पर्व पारंपरिक अनुष्ठानों, भक्ति गायन और सामुदायिक समारोहों के साथ मनाया जाता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

माताएँ अपनी संतान की भलाई के लिए उपवास रखती हैं और विशेष गणेश पूजा करती हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें।
  • पूरे दिन उपवास रखें।
  • भगवान गणेश की विशेष पूजा करें।
  • चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: संध्या में चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
भगवान गणेश की मूर्ति या चित्रफूल और मालाफल और मिठाइयाँधूप और कपूर
पूजा प्रक्रिया:
  1. फूलों और सजावट से गणेश वेदी सजाएँ।
  2. संतान की भलाई के लिए भगवान गणेश को प्रार्थना अर्पित करें।
  3. गणेश मंत्रों का जाप करें और आरती करें।
  4. श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: सकट चौथ का क्या महत्व है?

यह भगवान गणेश को समर्पित है, जिसमें माताएँ अपनी संतान की रक्षा और समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।