मुख्य सामग्री पर जाएँ
Yoga Panchang
लॉग इन करें

Vijaya Ekadashi

Kannada
कैलेंडर वर्ष चुनें
Vijaya Ekadashi
2026 Kannada तिथि

Vijaya Ekadashi

Vijaya Ekadashi के बारे में

विजया एकादशी फाल्गुन मास (फरवरी-मार्च) के शुक्ल पक्ष में आती है। इस नाम का अर्थ है 'विजय'।

इस व्रत को रखने से शत्रुओं पर विजय और सभी कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है।

भक्त कठोर उपवास रखते हैं, भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और दान-पुण्य के कार्य करते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

आदर्श रूप से बिना अन्न-जल के कठोर उपवास रखा जाता है।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले स्नान करें।
  • विष्णु सहस्रनाम का जाप करें और पूजा-अर्चना करें।
  • ब्रह्मचर्य का पालन करें और नकारात्मक विचारों से बचें।
  • पूरा दिन प्रार्थना और ध्यान में व्यतीत करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: द्वादशी तिथि को ब्राह्मणों को भोजन कराने के बाद व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्रतुलसी के पत्तेपीले फूल और मालापंचामृतअगरबत्ती और कपूर
पूजा प्रक्रिया:
  1. फूलों और तुलसी पत्तों से विष्णु वेदी तैयार करें।
  2. भगवान विष्णु को पंचामृत और पवित्र जल अर्पित करें।
  3. विष्णु सहस्रनाम का जाप करें और आरती करें।
  4. भक्तों में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: विजया एकादशी का क्या महत्व है?

इस नाम का अर्थ है 'विजय'। इस व्रत को रखने से शत्रुओं पर विजय और सभी कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।