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Ashtami Rohini

Malayalam

अन्य नाम: Krishna Janmashtami

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Ashtami Rohini
2026 Malayalam तिथि

Ashtami Rohini

Ashtami Rohini के बारे में

अष्टमी रोहिणी चिंगम मास (अगस्त-सितंबर) के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव है।

केरल में यह पर्व विष्णु मंदिरों में विशेष पूजा, भक्ति संगीत और कथकली जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियों के साथ मनाया जाता है, जिनमें कृष्ण के जीवन की कथाएं दर्शाई जाती हैं।

मंदिरों को सुंदर ढंग से सजाया जाता है और विस्तृत भोग (प्रसाद) तैयार कर भक्तों में वितरित किया जाता है।

यह पर्व गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर और अंबलपुझा श्री कृष्ण मंदिर में विशेष रूप से भव्यता से मनाया जाता है, जहां विशेष उत्सव आयोजित होते हैं।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त हल्का व्रत रखते हैं और भगवान कृष्ण की विशेष पूजा करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले स्नान करें।
  • हल्का व्रत रखें या केवल फल और दूध का सेवन करें।
  • कृष्ण मंदिरों में विशेष पूजा के लिए जाएं।
  • भगवान कृष्ण की बाल-लीलाओं की कथाएं सुनें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: मध्यरात्रि में कृष्ण जन्मोत्सव के बाद व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
कृष्ण की मूर्ति या चित्रफूल और मालामाखन और मिश्रीमोरपंखधूप और कपूर
पूजा प्रक्रिया:
  1. फूलों और मोरपंखों से कृष्ण की वेदी सजाएं।
  2. माखन, मिश्री और अन्य प्रिय भोग अर्पित करें।
  3. कृष्ण मंत्रों का जाप करें और मध्यरात्रि में आरती करें।
  4. भक्तों में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: केरल में अष्टमी रोहिणी कैसे मनाई जाती है?

इसे विष्णु मंदिरों में विशेष पूजा, कृष्ण की कथाओं पर आधारित कथकली प्रस्तुतियों और विस्तृत भोग-प्रसाद के साथ मनाया जाता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।