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Durgashtami

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अन्य नाम: Durga Ashtami

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Durgashtami
2026 Malayalam तिथि

Durgashtami

Durgashtami के बारे में

दुर्गाष्टमी नवरात्रि के दौरान कुंभम मास (फरवरी-मार्च) के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को देवी दुर्गा को समर्पित होकर मनाई जाती है।

केरल में यह पर्व देवी मंदिरों में विशेष पूजा, पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियों और विस्तृत भोग-अर्पण के साथ मनाया जाता है।

महिलाएं व्रत रखती हैं और अपने परिवार की सुरक्षा तथा कल्याण के लिए विशेष प्रार्थनाएं करती हैं।

यह पर्व देवी दुर्गा की महिषासुर राक्षस पर विजय की स्मृति में मनाया जाता है, जो अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है।

व्रत विधि और उपवास नियम

महिलाएं व्रत रखती हैं और विशेष दुर्गा पूजा करती हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले स्नान करें।
  • व्रत रखें या केवल सात्विक भोजन करें।
  • देवी मंदिरों में विशेष पूजा के लिए जाएं।
  • देवी दुर्गा को फूल और प्रार्थनाएं अर्पित करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: दुर्गा पूजा के बाद प्रसाद से व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
देवी दुर्गा की मूर्ति या चित्रफूल और मालालाल वस्त्र और कुमकुमफल और मिठाई
पूजा प्रक्रिया:
  1. पूजा स्थल की सफाई कर उसे फूलों से सजाएं।
  2. देवी दुर्गा को प्रार्थना और फूल अर्पित करें।
  3. पारंपरिक नृत्य और संगीत प्रस्तुत करें।
  4. भक्तों में प्रसाद वितरित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: केरल में दुर्गाष्टमी कैसे मनाई जाती है?

इसे देवी मंदिरों में विशेष पूजा, पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियों और विस्तृत भोग-अर्पण के साथ मनाया जाता है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।