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Guruvayur Ekadasi

Malayalam

अन्य नाम: Guruvayur Ekadashi

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Guruvayur Ekadasi
2026 Malayalam तिथि

Guruvayur Ekadasi

Guruvayur Ekadasi के बारे में

गुरुवायुर एकादशी केरल के प्रसिद्ध गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर में धनु मास (दिसंबर-जनवरी) के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है।

यह पर्व मंदिर में भगवान कृष्ण की विशेष पूजा, भक्ति संगीत और विस्तृत भोग-अर्पण के साथ मनाया जाता है।

केरल और पूरे भारत से हजारों भक्त इस दिन गुरुवायुर आकर देवता के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

यह एकादशी भगवान विष्णु की प्रार्थना और आध्यात्मिक पुण्य प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जाती है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त हल्का व्रत रखते हैं और विशेष दर्शन के लिए गुरुवायुर मंदिर जाते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • सूर्योदय से पहले उठकर मंदिर यात्रा की तैयारी करें।
  • हल्का व्रत रखें या केवल फल और दूध का सेवन करें।
  • विशेष एकादशी पूजा के लिए गुरुवायुर मंदिर जाएं।
  • प्रार्थना करें और मंदिर से प्रसाद प्राप्त करें।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: मंदिर दर्शन के बाद मंदिर के प्रसाद से व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
फूल और मालानारियल और फलभगवान कृष्ण को अर्पणविशेष मंदिर प्रसाद
पूजा प्रक्रिया:
  1. सुबह जल्दी मंदिर यात्रा की तैयारी करें।
  2. भगवान कृष्ण को प्रार्थना और फूल अर्पित करें।
  3. विशेष एकादशी पूजा और प्रवचन सुनें।
  4. प्रसाद प्राप्त करें और परिवार के साथ साझा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: गुरुवायुर एकादशी विशेष क्यों है?

गुरुवायुर एकादशी प्रसिद्ध गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर में अत्यंत भक्तिभाव से मनाई जाती है, जो विशेष दर्शन के लिए हजारों भक्तों को आकर्षित करती है।

प्रश्न: कौन-कौन से अर्पण किए जाते हैं?

भक्त भगवान कृष्ण को मंदिर में फूल, नारियल, फल और विशेष खाद्य सामग्री अर्पित करते हैं।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।