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Kerala Vinayaka Chathurthi

Malayalam

अन्य नाम: Ganesh Chaturthi

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Kerala Vinayaka Chathurthi
2026 Malayalam तिथि

Kerala Vinayaka Chathurthi

Kerala Vinayaka Chathurthi के बारे में

केरल विनायक चतुर्थी चिंगम मास (अगस्त-सितंबर) के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्म का उत्सव है।

घरों और सार्वजनिक पंडालों में मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं, और दस दिनों तक विशेष पूजा की जाती है।

इस पर्व का समापन भव्य विसर्जन शोभायात्राओं के साथ होता है, जिनमें गणेश प्रतिमाओं को अत्यंत धूमधाम से जलाशयों तक ले जाया जाता है।

केरल में यह उत्सव स्थानीय परंपराओं को अखिल भारतीय गणेश पूजा रीति-रिवाजों के साथ जोड़ता है।

व्रत विधि और उपवास नियम

भक्त हल्का व्रत रखते हैं और भगवान गणेश की विशेष पूजा करते हैं।

चरणबद्ध उपवास प्रक्रिया:
  • गणेश प्रतिमा स्थापित करें और स्थापना अनुष्ठान करें।
  • हल्का व्रत रखें और केवल सात्विक भोजन करें।
  • दूर्वा घास और मोदक के साथ प्रतिदिन पूजा करें।
  • अंतिम दिन प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाएं।

पारण (उपवास तोड़ने) संबंधी टिप्पणी: गणेश पूजा के बाद मोदक और प्रसाद से व्रत खोला जाता है।

पूजा सामग्री और अनुष्ठान चरण

आवश्यक पूजा सामग्री:
गणेश प्रतिमा (मिट्टी की)दूर्वा घासलाल फूल और मालामोदक और अन्य मिठाइयां
पूजा प्रक्रिया:
  1. गणेश प्रतिमा स्थापित करें और स्थापना अनुष्ठान करें।
  2. भगवान गणेश को दूर्वा घास, मोदक और लाल फूल अर्पित करें।
  3. पारंपरिक मंत्रों के साथ प्रतिदिन आरती करें।
  4. अंतिम दिन विसर्जन समारोह करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: मोदक क्या है?

मोदक चावल के आटे और गुड़ से बना एक मीठा पकवान है। यह भगवान गणेश की प्रिय मिठाई है।

टिप्पणी: सभी समय चयनित स्थान के स्थानीय समय में 24-घंटे प्रारूप में दर्शाए गए हैं, साथ में DST समायोजन (यदि लागू हो)।

आधी रात के बाद के समय के साथ अगले दिन की तारीख जोड़ी गई है। पंचांग में, एक दिन स्थानीय सूर्योदय से शुरू और समाप्त होता है।